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Kuldeep Sengar bail: कुलदीप सेंगर की जमानत से आहत उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता इंडिया गेट पहुंचीं, संसद भवन के बाहर धरने की चेतावनी

Kuldeep Sengar bail: कुलदीप सेंगर की जमानत से आहत उन्नाव दुष्कर्म पीड़िता इंडिया गेट पहुंचीं, संसद भवन के बाहर धरने की चेतावनी

दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उन्नाव दुष्कर्म मामले में दोषी ठहराए गए पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को निलंबित कर सशर्त जमानत पर रिहा करने के आदेश के बाद पीड़िता गहरे आक्रोश में है। इस फैसले से आहत पीड़िता न्याय की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली में विरोध दर्ज कराने पहुंचीं। पीड़िता का कहना है कि वह संसद भवन के बाहर धरना देना चाहती हैं ताकि देश के सामने अपनी पीड़ा और सवाल रख सकें, लेकिन इससे पहले ही वह बीती रात इंडिया गेट पर धरने के लिए पहुंच गईं, जहां पुलिस ने उन्हें रोकते हुए वहां से हटा दिया।

पीड़िता ने मीडिया से बातचीत में कहा कि देश में बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना कहीं न कहीं मासूम बच्चियों से लेकर महिलाओं तक के साथ दुष्कर्म जैसी जघन्य घटनाएं सामने आ रही हैं। तीन साल की बच्चियों तक के साथ दुष्कर्म कर उनकी हत्या कर दी जाती है और ऐसे माहौल में यदि दोषियों को सजा निलंबन और जमानत मिलती है, तो यह समाज और अपराधियों दोनों के लिए बेहद गलत संदेश देता है।

पीड़िता का कहना है कि कुलदीप सिंह सेंगर जैसे प्रभावशाली लोगों को राहत मिलने से आम लोगों का न्याय व्यवस्था से भरोसा डगमगाता है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक दोषी को इस तरह से रिहा किया जाएगा, तो अपराध करने वालों का मनोबल और बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि वह केवल अपने लिए नहीं, बल्कि देश की हर बेटी की सुरक्षा और न्याय के लिए आवाज उठा रही हैं।

पीड़िता ने यह भी कहा कि वह शांतिपूर्ण तरीके से लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत धरना देना चाहती थीं, लेकिन पुलिस द्वारा इंडिया गेट से हटाए जाने से उन्हें और अधिक पीड़ा पहुंची है। इसके बावजूद उन्होंने साफ किया कि वह पीछे हटने वाली नहीं हैं और न्याय की लड़ाई जारी रखेंगी। पीड़िता ने संकेत दिए हैं कि वह संसद भवन के बाहर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को सरकार और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने की कोशिश करेंगी।

इस पूरे घटनाक्रम के बाद एक बार फिर उन्नाव दुष्कर्म मामला और कुलदीप सेंगर को मिली राहत पर देशभर में बहस तेज हो गई है। कई सामाजिक संगठनों और महिला अधिकार कार्यकर्ताओं ने भी इस फैसले पर सवाल उठाते हुए पीड़िता के साथ एकजुटता दिखाई है। मामला एक बार फिर न्याय, महिला सुरक्षा और कानून की सख्ती को लेकर गंभीर चिंताओं को सामने ला रहा है।

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