Delhi: फर्जी कागज बनाकर प्रॉपर्टी बेची, करोड़ों का लगाया चूना, दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग की मिलीभगत से चल रहा करोड़ों की हेराफेरी का गोरखधंधा

Delhi: फर्जी कागज बनाकर प्रॉपर्टी बेची, करोड़ों का लगाया चूना, दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग की मिलीभगत से चल रहा करोड़ों की हेराफेरी का गोरखधंधा
नई दिल्ली।। दिल्ली के पाश इलाके साउथ एक्स में मकान बेचने के नाम पर कुछ सफेदपोशों ने करोड़ों रुपये की ठगी कर ली। जिस मकान का सौदा तय किया गया, उसके दस्तावेज भी फर्जी दिखाए गए। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ जब पहले तो प्रॉपर्टी बेचने के नाम पर फर्जीवाड़ा करने वालों ने किन्हीं कारणों से प्रॉपर्टी ना बेचने और पीड़ित की रकम मय ब्याज वापस करने का वादा कर लिया, लेकिन बाद में पीड़ित को ना प्रॉपर्टी मिली और न ही आरोपी उनकी रकम वापस करने को तैयार हुए। पीड़ित ने जब मामले में पुलिस एफआईआर कराई तो पता चला कि उपरोक्त प्रॉपर्टी को तो वही आरोपी फर्जी कागज़ात बनाकर और भी कई लोगों से ठगी कर चुके हैं। और दो मामलों में तो इन आरोपियों पर पहले से ही कोटला मुबारकपुर पुलिस स्टेशन तथा लोधी कॉलोनी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज हैं। जिसके बाद पीड़ित ने मार्च 2025 में सिविल लाइंस पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। पीड़ित सरदार हरविंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मामले में सफेदपोश आरोपी संदीप साहनी और वार्तिक कपूर ने जुलाई 2022 में स्वयं को साउथ एक्स की प्रॉपर्टी संख्या एफ-19 का मालिक बताते हुए प्रॉपर्टी के फर्जी कागज दिखाए और सौदा तय किया। अग्रिम भुगतान के नाम पर उनसे पेमेंट भी ले ली। लेन-देन का उल्लेख एग्रीमेंट में भी दर्ज है।

निर्धारित समयावधि में जब उन्होंने बैनामें के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने कुछ अज्ञात कारणों का हवाला देते हुए उनकी रकम मय ब्याज के वापस करने की बात कही। बाद में दस्तावेजों की जांच करने पर पता चला कि आरोपी दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग के साथ सांठ गांठ करके उपरोक्त प्रॉपर्टी के फर्जी कागज़ात बनाकर और भी कई लोगों से ठगी कर चुके हैं, जिनमें दो मामलों में पहले से ही एफआईआर दर्ज हैं। मामले में पीड़ित सरदार हरविंदर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि पूरे प्रकरण की जांच में खुलासा हुआ कि इस ठगी में आरोपी संदीप साहनी, वार्तिक कपूर, दीपक कपूर, करिश्मा आनंद और रचिता कपूर शामिल हैं और दिलचस्प ये है कि ये सभी आपस में सगे सम्बन्धी हैं।गौरतलब है कि राजधानी में प्रॉपर्टी सम्बन्धित विवादों से न्यायालय पटे पड़े हैं, लेकिन इस पूरे विवाद में दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग की भूमिका भी पूरी तरह संदिग्ध है, जिसमें आरोपी राजस्व विभाग की मिलीभगत से एक ही प्रॉपर्टी के अलग-अलग असली जैसे कागज़ तैयार करने में कामयाब हो गए और इन कागजों का इस्तेमाल ठगी में कर लिया। जानकारों की मानें तो दिल्ली सरकार के राजस्व विभाग में व्याप्त भ्रष्टाचार के चलते बीते कुछ समय में ऐसे फर्जीवाड़ों के मामलों की बाढ़ सी आ गईं है जहां अपराधी जाली कागजातों के दम पर सीधे साधे लोगों को ठगने का काम कर रहे हैं।





