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Constitution Day India: राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- ‘गुलामी की मानसिकता को खत्म करता है संविधान’, नेताओं ने दिए महत्वपूर्ण संदेश

Constitution Day India: राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- ‘गुलामी की मानसिकता को खत्म करता है संविधान’, नेताओं ने दिए महत्वपूर्ण संदेश

नई दिल्ली, 26 नवंबर 2025: पुराने संसद भवन के सेंट्रल हॉल में संविधान दिवस समारोह का आयोजन किया गया, जिसकी अध्यक्षता राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने की। उन्होंने कहा कि आज का दिन याद दिलाता है कि 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा के सदस्यों ने भारत के संविधान का निर्माण पूर्ण किया था और इसे अपनाया गया। राष्ट्रपति ने संविधान को राष्ट्र की पहचान और गुलामी की मानसिकता को छोड़ने का मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि यह दस्तावेज हमें राष्ट्रवादी सोच अपनाने की प्रेरणा देता है।

राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में तीन तलाक, जीएसटी और अनुच्छेद 370 सहित कई ऐतिहासिक सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि तीन तलाक पर रोक लगाकर संसद ने महिलाओं के सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए। जीएसटी लागू करके देश के आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा मिला, जबकि अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण से जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक एकीकरण को मजबूती मिली। उन्होंने कहा कि नारी शक्ति बंधन अधिनियम महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास का नया युग शुरू करेगा और इस वर्ष 7 नवंबर से राष्ट्रगान वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रव्यापी स्मरणोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहा कि संविधान सभा, ड्राफ्टिंग कमिटी और महान विद्वानों ने करोड़ों भारतीयों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए निष्पक्ष योगदान दिया। उन्होंने उल्लेख किया कि अनुच्छेद 370 के हटने के बाद 2024 में जम्मू-कश्मीर में चुनावों में भारी मतदान हुआ, जिससे लोकतंत्र में भारत की आस्था का संदेश दुनिया को मिला। राधाकृष्णन ने बिहार चुनावों में महिलाओं की बड़ी भागीदारी को भी लोकतंत्र की उपलब्धि बताया और संविधान सभा की महिला सदस्यों के योगदान की सराहना की।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि संविधान का अक्षरशः पालन करने से भारत 2047 तक एक विकसित देश बन सकता है। उन्होंने कहा कि संविधान के मूल्यों और आदर्शों को अपनाना भविष्य की पीढ़ियों के लिए न्याय, विकास, एकता और मानवता का उदाहरण स्थापित करेगा। बिरला ने इसे एक जीवंत दस्तावेज बताया जो प्रत्येक नागरिक की आवश्यकताओं का ध्यान रखता है।

इस समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्यसभा डिप्टी चेयरमैन हरिवंश, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, राज्यसभा नेता जेपी नड्डा, लोकसभा नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, राज्यसभा नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे सहित अन्य सांसदों ने संविधान दिवस पर प्रस्तावना का उच्चारण किया।

संविधान दिवस पर सभी नेताओं ने एक स्वर में यह संदेश दिया कि संविधान हमारे लोकतंत्र की नींव है और इसका पालन ही देश के उज्ज्वल भविष्य और सामाजिक न्याय, एकता व समानता सुनिश्चित करने का आधार है।

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