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India US Trade Deal: रूसी तेल आयात पर लगा 25% टैरिफ हटा, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील का नया फॉर्मूला तैयार

India US Trade Deal: रूसी तेल आयात पर लगा 25% टैरिफ हटा, भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील का नया फॉर्मूला तैयार

नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित व्यापार समझौते की अंतरिम रूपरेखा को आधिकारिक रूप से सार्वजनिक कर दिया गया है। इस समझौते के तहत अमेरिका ने भारत द्वारा रूसी तेल के आयात पर लगाए गए अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ को हटाने का फैसला लिया है। यह निर्णय दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक सहयोग और रणनीतिक साझेदारी की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व में भारत और अमेरिका के बीच एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा तैयार की गई है। इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेष रूप से लघु एवं मध्यम उद्यमों, किसानों और मछुआरों के लिए लगभग 30 ट्रिलियन डॉलर के अमेरिकी बाजार के दरवाजे खुलेंगे। उन्होंने कहा कि निर्यात में संभावित वृद्धि से महिलाओं और युवाओं के लिए लाखों नए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा हस्ताक्षरित एक कार्यकारी आदेश के अनुसार, भारत ने रूसी संघ से तेल का प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है। इसी के तहत अमेरिका ने भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ हटाने का निर्णय लिया, जिससे व्यापार समझौते के क्रियान्वयन का रास्ता साफ हो गया है।

इस अंतरिम रूपरेखा के अंतर्गत अमेरिका भारतीय वस्तुओं पर पारस्परिक शुल्क को घटाकर 18 प्रतिशत करने पर सहमत हुआ है। इससे वस्त्र एवं परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक एवं रबर उत्पाद, जैविक रसायन, गृह सज्जा, हस्तशिल्प और चुनिंदा मशीनरी जैसे क्षेत्रों में भारतीय उत्पादों को अमेरिकी बाजार में बड़ी बढ़त मिलेगी। इसके साथ ही जेनेरिक दवाइयों, रत्न एवं हीरे तथा विमान के पुर्जों जैसी कई श्रेणियों में टैरिफ को शून्य कर दिया जाएगा, जिससे भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूती मिलेगी।

पीयूष गोयल ने बताया कि भारत को विमान के पुर्जों पर धारा 232 के तहत छूट, ऑटो पुर्जों पर टैरिफ दर कोटा और जेनेरिक दवाइयों पर बातचीत के जरिए अतिरिक्त लाभ भी मिलेगा। इससे इन क्षेत्रों में निर्यात में ठोस और दीर्घकालिक वृद्धि की संभावना है।

समझौते में किसानों और ग्रामीण आजीविका के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत मक्का, गेहूं, चावल, सोया, मुर्गी पालन, दूध, पनीर, इथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि एवं डेयरी उत्पादों को पूर्ण संरक्षण प्रदान किया जाएगा। इससे घरेलू कृषि बाजार और किसानों के हित सुरक्षित रहेंगे।

यह अंतरिम व्यापार समझौता भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक सहयोग को और गहरा करने की दिशा में एक मजबूत आधार तैयार करता है। दोनों देशों ने सतत विकास, रोजगार सृजन और दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी के लिए मिलकर काम करने की प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार का मानना है कि यह समझौता ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ते कदमों में अहम भूमिका निभाएगा।

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