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Vande Bharat Sleeper Train: देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, हावड़ा–गुवाहाटी के बीच शुरू होगा नया युग

Vande Bharat Sleeper Train: देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को पीएम मोदी ने दिखाई हरी झंडी, हावड़ा–गुवाहाटी के बीच शुरू होगा नया युग

देश के लिए आज ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण दिन है, जब भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया सुनहरा अध्याय जुड़ गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के मालदा टाउन रेलवे स्टेशन से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन न सिर्फ रफ्तार बल्कि आराम, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं के मामले में भी लंबी दूरी की यात्रा का नया मानक तय करने जा रही है। अब तक वंदे भारत एक्सप्रेस केवल चेयर कार के रूप में दिन की छोटी दूरी के लिए चलाई जा रही थीं, लेकिन लंबे समय से जिस स्लीपर वर्जन का इंतजार किया जा रहा था, वह आज पूरा हो गया है।

यह अत्याधुनिक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन हावड़ा से असम के गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी और करीब 958 किलोमीटर की दूरी को मात्र 14 घंटे में तय करेगी। यह मौजूदा एक्सप्रेस ट्रेनों की तुलना में लगभग तीन घंटे कम समय लेगी, जिससे यात्रियों को तेज और आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। ट्रेन पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत तैयार की गई है, जो देश की तकनीकी और औद्योगिक क्षमता को भी दर्शाती है।

वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कुल 16 कोच लगाए गए हैं, जिनमें 1128 यात्रियों के सफर की क्षमता है। इसमें एसी थ्री टियर, एसी टू टियर और फर्स्ट एसी के कोच शामिल हैं, ताकि यात्रियों को अपनी जरूरत और बजट के अनुसार विकल्प मिल सके। एसी थ्री टियर में 11 कोच, एसी टू टियर में 4 कोच और फर्स्ट एसी का 1 कोच रखा गया है। रेलवे मंत्रालय के अनुसार, किराया दूरी के आधार पर तय किया गया है और न्यूनतम किराया 400 किलोमीटर की यात्रा को ध्यान में रखकर निर्धारित किया गया है।

इस सेमी हाई-स्पीड ट्रेन की अधिकतम डिजाइन स्पीड 180 किलोमीटर प्रति घंटा है, जबकि सामान्य परिचालन के दौरान इसे करीब 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलाया जाएगा। तेज गति के साथ-साथ ट्रेन में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा का भी विशेष ध्यान रखा गया है। इसमें स्वदेशी ‘कवच’ ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम लगाया गया है, जो ट्रेनों की आमने-सामने टक्कर जैसी घटनाओं को रोकने में सक्षम है।

ट्रेन का एरोडायनामिक बाहरी डिजाइन हवा के दबाव को कम करता है, जिससे तेज रफ्तार पर भी ट्रेन स्थिर रहती है और सफर ज्यादा सुरक्षित बनता है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए इमरजेंसी टॉक-बैक यूनिट दी गई है, जिससे किसी भी आपात स्थिति में सीधे ड्राइवर या गार्ड से संपर्क किया जा सकता है। ड्राइवर का केबिन पूरी तरह डिजिटल और एडवांस कंट्रोल पैनल से लैस है, जिससे संचालन में मानवीय गलती की संभावना कम होती है।

एक और खास बात यह है कि इस ट्रेन में केवल कन्फर्म टिकट ही जारी होंगे। वेटिंग लिस्ट और RAC की परेशानी खत्म हो जाएगी और ‘नो वीआईपी कोटा’ नीति के तहत किसी के लिए कोई विशेष कोटा नहीं होगा। इससे टिकट बुकिंग पूरी तरह पारदर्शी होगी और आम यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।

18 जनवरी से इस वंदे भारत स्लीपर ट्रेन की नियमित सेवा शुरू हो जाएगी। इससे पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर भारत के बीच रेल कनेक्टिविटी और मजबूत होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहल भारतीय रेलवे को आधुनिक, सुरक्षित और यात्री-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

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