Kolkata Metro: कोलकाता में तीन नए मेट्रो मार्गों का पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से लाखों यात्रियों को फायदा

Kolkata Metro: कोलकाता में तीन नए मेट्रो मार्गों का पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी से लाखों यात्रियों को फायदा
कोलकाता के मेट्रो नेटवर्क को एक नई दिशा मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को यहां तीन नए मेट्रो मार्गों का उद्घाटन करेंगे। इन मार्गों में येलो लाइन (नोआपारा से जय हिंद/बिमान बंदर), ग्रीन लाइन (सियालदह से एस्प्लेनेड) और ऑरेंज लाइन (बेलेघाटा से हेमंत मुखोपाध्याय) शामिल हैं। इनका सीधा लाभ कोलकाता के लाखों यात्रियों को मिलेगा, खासकर उन लोगों को जो एयरपोर्ट तक तेजी और सुविधा के साथ पहुंचना चाहते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि इन परियोजनाओं की मूल परिकल्पना पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा रेल मंत्री रहते हुए की गई थी। उन्होंने दो बार रेल मंत्रालय का कार्यभार संभाला—पहली बार 1999 से 2001 तक और दूसरी बार 2009 से 2011 तक। उनके कार्यकाल में रेलवे और मेट्रो परियोजनाओं को नई दिशा मिली। हालांकि, इस ऐतिहासिक मौके पर वह उद्घाटन समारोह में शामिल नहीं होंगी।
एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, नोआपारा से जय हिंद (बिमान बंदर) तक की येलो लाइन का मूल संरेखण नोआपारा से बारासात तक बिमान बंदर होते हुए प्रस्तावित किया गया था। इस घोषणा को ममता बनर्जी ने 2009-10 के रेलवे बजट में शामिल किया था। यह रूट कोलकाता के उत्तरी हिस्सों को एयरपोर्ट से जोड़ने में बेहद अहम भूमिका निभाएगा।
इसी तरह, ग्रीन लाइन (सियालदह से एस्प्लेनेड) के मार्ग में भी ममता बनर्जी ने बदलाव किया था। शुरू में यह लाइन सेंट्रल एवेन्यू से होकर जाने वाली थी, लेकिन बाद में इसे बीबीडी बाग और एस्प्लेनेड से होते हुए हावड़ा मैदान और साल्ट लेक तक संशोधित किया गया। इस रूट का पहला चरण फरवरी 2022 में चालू हुआ और जुलाई 2022 में सियालदह तक पहुंच गया। अब इस मार्ग का विस्तार एस्प्लेनेड तक हो रहा है, जिससे लाखों यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा।
ऑरेंज लाइन की बात करें तो यह न्यू गड़िया (कवि सुभाष) से जय हिंद (बिमान बंदर) तक जाने वाली है। इसकी घोषणा भी ममता बनर्जी ने 2009-10 के बजट में की थी। इसका पहला चरण मार्च 2024 में पीएम मोदी ने ही उद्घाटित किया था। शुक्रवार को हेमंत मुखोपाध्याय से बेलेघाटा तक का हिस्सा शुरू किया जाएगा।
ममता बनर्जी के रेल मंत्री रहते समय केवल मेट्रो परियोजनाएं ही नहीं, बल्कि रेलवे स्टेशनों के विकास पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने 2009-10 के बजट में 50 स्टेशनों को विश्व-स्तरीय बनाने की योजना शुरू की और अगले बजट में 10 और स्टेशनों को इसमें शामिल किया। इस दृष्टिकोण का ही परिणाम है कि कोलकाता की मेट्रो परियोजनाएं आज इस मुकाम तक पहुंची हैं।