AAP Leader Raid: सौरभ भारद्वाज के घर ईडी की रेड, केजरीवाल बोले- “AAP को निशाना बनाया जा रहा है”

AAP Leader Raid: सौरभ भारद्वाज के घर ईडी की रेड, केजरीवाल बोले- “AAP को निशाना बनाया जा रहा है”
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के घर समेत 13 ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की छापेमारी ने दिल्ली की राजनीति में तूफान खड़ा कर दिया है। यह कार्रवाई उस केस से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें AAP सरकार के दौरान स्वास्थ्य परियोजनाओं में अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।
ईडी की कार्रवाई और केस की पृष्ठभूमि
सूत्रों के अनुसार, ईडी ने जुलाई में सौरभ भारद्वाज और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच एजेंसी का दावा है कि दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य ढांचे से जुड़ी योजनाओं में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी और फंड के गलत इस्तेमाल के सबूत मिले हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर सोमवार सुबह दिल्ली और आसपास के 13 स्थानों पर छापेमारी की गई।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि इस रेड का मकसद संदिग्ध लेनदेन और दस्तावेजों से जुड़े सबूत जुटाना है। एजेंसी की नजर उन कॉन्ट्रैक्ट्स और टेंडर्स पर भी है, जिन्हें AAP सरकार के समय मंजूरी मिली थी।
केजरीवाल का पलटवार
इस कार्रवाई पर AAP संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा—
“मोदी सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर AAP के पीछे पड़ी है। हमें बार-बार निशाना बनाया जा रहा है। आज तक भारत के राजनीतिक इतिहास में किसी पार्टी को इस तरह टारगेट नहीं किया गया।”
केजरीवाल ने इस छापेमारी को राजनीति से प्रेरित बताते हुए कहा कि AAP भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ रही है और यही वजह है कि बीजेपी पार्टी को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
AAP नेताओं पर लगातार जांच
AAP के लिए यह पहली बार नहीं है जब किसी वरिष्ठ नेता पर ईडी या सीबीआई की कार्रवाई हुई हो।
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पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया पहले से ही शराब नीति घोटाले में जेल में हैं।
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पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में हिरासत में हैं।
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अब सौरभ भारद्वाज पर कार्रवाई से AAP एक बार फिर आक्रामक तेवर में आ गई है।
AAP का आरोप है कि मोदी सरकार विपक्ष को दबाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। वहीं, बीजेपी नेताओं का कहना है कि अगर AAP निर्दोष है तो उसे जांच से डरने की जरूरत नहीं है।
राजनीतिक हलचल और चुनावी संदर्भ
इस रेड के बाद दिल्ली की सियासत में हलचल तेज हो गई है। AAP इसे लोकतंत्र पर हमला बता रही है, जबकि बीजेपी इसे “भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम” कह रही है।
राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला केवल कानूनी प्रक्रिया तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि इसका सीधा असर 2024 लोकसभा चुनावों और दिल्ली विधानसभा राजनीति पर पड़ेगा। AAP अपने नेताओं पर हो रही कार्रवाई को जनता के बीच “राजनीतिक प्रतिशोध” के तौर पर पेश कर सकती है, वहीं बीजेपी इसे भ्रष्टाचार विरोधी लड़ाई बताकर वोटरों को साधने की कोशिश करेगी।
AAP Leader Raid मामला केवल एक कानूनी कार्रवाई नहीं बल्कि केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच चल रही राजनीतिक जंग का हिस्सा है। ईडी की कार्रवाई ने विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है। अब देखना यह होगा कि यह केस कानूनी लड़ाई में कहां तक जाता है और क्या इसका असर दिल्ली और राष्ट्रीय राजनीति पर दीर्घकालिक रूप से पड़ता है।