क्राइमदिल्ली-एनसीआर

Illegal Arms Trafficking Delhi: 67 वर्षीय महिला हथियार तस्कर गिरफ्तार, अवैध पिस्तौलों की बड़ी खेप बरामद

Illegal Arms Trafficking Delhi: 67 वर्षीय महिला हथियार तस्कर गिरफ्तार, अवैध पिस्तौलों की बड़ी खेप बरामद

दिल्ली–एनसीआर में अवैध हथियारों के बढ़ते नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल नॉर्दर्न रेंज को बड़ी कामयाबी मिली है। स्पेशल सेल ने एक अंतरराज्यीय हथियार तस्करी गिरोह की सक्रिय सदस्य 67 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी महिला की पहचान रामबिरी के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के हस्तिनापुर की रहने वाली है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चार अत्याधुनिक अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्तौल और तीन अतिरिक्त मैगजीन बरामद की हैं। यह गिरफ्तारी 5 जनवरी 2025 को की गई, जिसे बीते छह महीनों से चल रही खुफिया निगरानी और तकनीकी जांच के बाद अंजाम दिया गया।

यह पूरी कार्रवाई स्पेशल सेल नॉर्दर्न रेंज की टीम ने इंस्पेक्टर राकेश कुमार के नेतृत्व में और एसीपी राहुल कुमार सिंह की निगरानी में की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, हाल के महीनों में दिल्ली–एनसीआर में फायरिंग और हथियारों से जुड़े मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए अवैध हथियार तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी अभियान के तहत रामबिरी की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी।

जांच में सामने आया है कि आरोपी महिला अपनी उम्र का फायदा उठाकर लंबे समय से कानून की नजरों से बचते हुए हथियारों की तस्करी कर रही थी। वह गैंगस्टरों और कुख्यात अपराधियों को अवैध हथियार सप्लाई करती थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, रामबिरी बेहद शातिर तरीके से काम करती थी। वह घर से निकलते समय मोबाइल फोन जानबूझकर वहीं छोड़ देती थी, ताकि उसकी लोकेशन ट्रैक न की जा सके। हथियारों की खरीद और सप्लाई से जुड़ी पूरी योजना पहले से तय रहती थी।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि रामबिरी ट्रेन के जरिए मध्य प्रदेश जाती थी, जहां से वह अवैध हथियार खरीदती थी। इसके बाद इन हथियारों को दिल्ली और मेरठ लाकर ऊंचे दामों पर अपराधियों को बेचा जाता था। पुख्ता सूचना मिलने के बाद स्पेशल सेल की टीम ने जाल बिछाया और उसे हथियारों के साथ दबोच लिया। आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की जांच जारी है।

पूछताछ के दौरान रामबिरी के लंबे आपराधिक इतिहास का भी खुलासा हुआ है। वह विधवा है और वर्ष 2003 में उसके पति की मृत्यु हो गई थी। उसके दो बेटियां और एक बेटा हैं, जो सभी विवाहित हैं और अलग-अलग रहते हैं। पति की मौत के बाद उसका संपर्क बलजिंदर नामक एक आदतन अपराधी से हुआ, जिसके बाद वह संगठित अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गई। वर्ष 2008 में वह गुरुग्राम में हुई करीब 1.48 करोड़ रुपये की बैंक डकैती में शामिल रही। उसी साल हरिद्वार के ज्वालापुर इलाके में हुई एक अन्य बैंक डकैती में भी उसकी भूमिका सामने आई थी।

वर्ष 2009 में दिल्ली के कमला मार्केट इलाके में बैंक डकैती के प्रयास के मामले में भी उसका नाम सामने आया। इन गंभीर मामलों को देखते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने उसके खिलाफ महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया था। इस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया और वह वर्ष 2009 से 2017 तक करीब आठ साल जेल में रही।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद रामबिरी ने एक बार फिर अपराध की दुनिया में वापसी की। इस बार उसने हथियारों की तस्करी को अपना जरिया बनाया। संगठित अपराध का अनुभव होने के कारण उसे यह अच्छी तरह पता था कि अपराधियों को हथियारों की जरूरत कहां और कैसे पूरी की जा सकती है। इसी अनुभव का फायदा उठाकर उसने अवैध हथियारों की खरीद-बिक्री का नेटवर्क खड़ा किया।

रामबिरी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा और उत्तराखंड में गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें MCOCA, आर्म्स एक्ट और डकैती जैसे संगीन अपराध शामिल हैं। स्पेशल सेल से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि इस नेटवर्क को तोड़ने के लिए टीम पिछले छह महीनों से लगातार काम कर रही थी। तकनीकी सर्विलांस, मुखबिर तंत्र और जमीनी स्तर की जांच के बाद ही यह कार्रवाई की गई।

पुलिस का कहना है कि बरामद किए गए अत्याधुनिक हथियारों से दिल्ली–एनसीआर में बड़ी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जा सकता था। अब जांच का फोकस मध्य प्रदेश में हथियार सप्लाई करने वालों और दिल्ली–एनसीआर में इन्हें खरीदने वाले अपराधियों की पहचान पर है। पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि इस मामले में आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button