Delhi Arms Syndicate Busted: गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में अवैध हथियार सिंडिकेट का पर्दाफाश, 20 कट्टे बरामद, पांच गिरफ्तार

Delhi Arms Syndicate Busted: गणतंत्र दिवस से पहले दिल्ली में अवैध हथियार सिंडिकेट का पर्दाफाश, 20 कट्टे बरामद, पांच गिरफ्तार
गणतंत्र दिवस से पहले राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए दक्षिण-पश्चिम जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने अवैध हथियार बनाने और उनकी तस्करी करने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ करते हुए पांच कुख्यात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों के कब्जे से 20 अवैध कट्टे, 12 जिंदा कारतूस, हथियार बनाने की मशीनरी और भारी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया गया है। यह सिंडिकेट लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सक्रिय गैंगस्टरों और अपराधियों को हथियार सप्लाई कर रहा था।
डीसीपी अमित गोयल के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में उपेंद्र, अशरफ अली, सतीश, भरत और इम्तियाज शामिल हैं। ये सभी पहले से हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती, लूट, झपटमारी, गैंगस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में शामिल रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह संगठित तरीके से अवैध हथियारों का निर्माण करता था और मांग के अनुसार उन्हें बदमाशों तक पहुंचाता था।
पुलिस को चार जनवरी को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके आधार पर इंस्पेक्टर विजय कुमार बालियान की टीम ने कापसहेड़ा के पास राजोकरी टी-प्वाइंट पर दबिश देकर भरत नाम के आरोपी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से एक अवैध कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पूछताछ में भरत ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए मेरठ के कैली गांव में चल रही अवैध हथियार फैक्ट्री की जानकारी दी।
इस इनपुट पर पुलिस टीम ने कैली गांव में छापेमारी की, जहां से अशरफ अली, उपेंद्र और सतीश को गिरफ्तार किया गया। मौके से हथियार बनाने की मशीनें और कच्चा माल भी जब्त किया गया। बाद में इम्तियाज को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस का कहना है कि इनकी गिरफ्तारी से अवैध हथियारों की सप्लाई पर बड़ा प्रहार हुआ है और गणतंत्र दिवस से पहले किसी बड़ी वारदात की आशंका को टाल दिया गया है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस सिंडिकेट के तार किन-किन बड़े गैंगस्टरों और आपराधिक गिरोहों से जुड़े थे। साथ ही यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि अब तक कितने हथियार इस नेटवर्क के जरिए सप्लाई किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने साफ किया है कि अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।



