Delhi Crime Branch Action: जहांगीर पुरी मर्डर केस में फरार तीन आरोपी गिरफ्तार, चाकू से की थी 17 वर्षीय युवक की हत्या

Delhi Crime Branch Action: जहांगीर पुरी मर्डर केस में फरार तीन आरोपी गिरफ्तार, चाकू से की थी 17 वर्षीय युवक की हत्या
रिपोर्ट: हेमंत कुमार
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए जहांगीर पुरी मर्डर केस में फरार चल रहे तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शेख इशाक, दिलशाद और इरफान के रूप में हुई है, जो लंबे समय से पुलिस से बचने के लिए दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लोनी इलाके में लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
यह मामला 5 अप्रैल 2026 का है, जब जहांगीर पुरी के एच-2 ब्लॉक स्थित रामलीला ग्राउंड में एक 17 वर्षीय युवक पर चाकुओं से हमला किया गया था। घायल अवस्था में उसे उसके भाई अरमान द्वारा बीजेआरएम अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद थाना जहांगीर पुरी में हत्या का मामला दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान सामने आया कि यह हत्या पुरानी रंजिश के चलते की गई थी। मृतक के भाई और चश्मदीद हाकिम अली शाह ने पुलिस को बताया कि आरोपी दिलशाद, इरफान, राजाबुल, इमरान और शेख इशाक ने मिलकर युवक को घेर लिया और उसे जान से मारने की नीयत से कई बार चाकू से हमला किया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच की एनआर-2 टीम को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी का जिम्मा सौंपा गया। एसीपी गिरीश कौशिक की निगरानी और इंस्पेक्टर संदीप स्वामी के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया, जिसने लगातार तकनीकी और मानवीय खुफिया जानकारी के आधार पर आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की।
आखिरकार टीम को आरोपियों की मूवमेंट की पुख्ता सूचना मिली, जिसके बाद उन्हें गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र के सभापुर अंडरपास के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने अपराध को कबूल करते हुए बताया कि उन्होंने आपसी विवाद और बदला लेने की नीयत से इस हत्या की साजिश रची थी।

आरोपियों ने खुलासा किया कि घटना वाले दिन दिलशाद ने चाकू की व्यवस्था की और सभी को बांटे। इसके बाद वे रामलीला ग्राउंड पहुंचे, जहां पीड़ित युवक बैठा हुआ था। आरोपियों ने उसे पकड़कर जमीन पर गिराया और बेरहमी से चाकुओं से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इस मामले में एक आरोपी और एक नाबालिग को पहले ही स्थानीय पुलिस द्वारा गिरफ्तार किया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी शेख इशाक पिछले 40 वर्षों से जहांगीर पुरी में रह रहा है और ई-रिक्शा पार्किंग का काम करता है। उसके बेटे दिलशाद और इरफान भी उसी के साथ काम करते थे। दिलशाद का नाम पहले भी 2022 के जहांगीर पुरी दंगों के मामले में सामने आ चुका है। पुलिस का कहना है कि इस हत्या के पीछे क्षेत्र में वर्चस्व स्थापित करने और बदला लेने की मंशा भी थी।
फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।



