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India Nepal Relations: भारत से मदद का हाथ पाकर भावुक हुए नेपाली PM बालेन शाह, प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार

India Nepal Relations: भारत से मदद का हाथ पाकर भावुक हुए नेपाली PM बालेन शाह, प्रधानमंत्री मोदी का जताया आभार

काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के बीच भारत ने पड़ोसी देश की ओर मदद का हाथ बढ़ाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत कर बाढ़ से हुई जान-माल की हानि पर गहरी संवेदना व्यक्त की और संकट की इस घड़ी में हर संभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। भारत की ओर से मिले समर्थन पर नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह ने प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती का उल्लेख किया है।

नेपाल में अचानक आई बाढ़ के कारण बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ है। इस प्राकृतिक आपदा के बाद भारत ने नेपाल के साथ एकजुटता व्यक्त की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह से फोन पर बातचीत के दौरान कहा कि भारत के लोग इस मुश्किल समय में नेपाल के अपने भाई-बहनों के साथ मजबूती से खड़े हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल को आवश्यकता के अनुसार हर संभव मानवीय सहायता देने की भारत की प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होंने बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई और प्रभावित लोगों के लिए भारत की ओर से सहयोग का भरोसा दिया।

प्रधानमंत्री मोदी की बातचीत और सहायता की पेशकश पर नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन शाह ने उनका धन्यवाद किया। उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री मोदी के संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए फोन कॉल, संवेदनाओं और नेपाल के प्रति दिखाई गई एकजुटता के लिए आभार जताया।

बालेन शाह ने अपने संदेश में कहा कि नेपाल इस मुश्किल समय में भारत की ओर से मिले एकजुटता के शब्दों और मदद की उदार पेशकश की सराहना करता है। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में दिखाई गई एकता दोनों देशों के बीच दोस्ती के मजबूत रिश्तों को दर्शाती है और नेपाल इन संबंधों को बहुत महत्व देता है।

भारत की ओर से नेपाल के लिए राहत सामग्री भेजने की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। बाढ़ से बड़े पैमाने पर हुई तबाही को देखते हुए भारत ने बुधवार रात सैन्य परिवहन विमान के जरिए राहत सामग्री की पहली खेप नेपाल भेजी। यह सहायता दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुई बातचीत के कुछ घंटे बाद भेजी गई।

नेपाल में राहत एवं बचाव अभियान के बीच भारत की ओर से तत्काल सहायता की पेशकश पर वहां की सत्ताधारी राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। पार्टी के प्रवक्ता जगदीश खरेल ने भारत की चिंता और सहयोग की भावना के लिए आभार जताया।

खरेल ने कहा कि नेपाल और सत्तारूढ़ RSP की ओर से भारत के लोगों, भारत सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बाढ़ की स्थिति पर सहानुभूति व्यक्त करने के लिए धन्यवाद दिया जाता है। उन्होंने भारत की ओर से सामने आई मदद की इच्छा को दोनों देशों के बीच करीबी संबंधों का उदाहरण बताया।

हालांकि नेपाल सरकार अभी इस बात का आकलन कर रही है कि मौजूदा आपदा से निपटने के लिए कितनी अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता होगी। खरेल के मुताबिक, नेपाल का विदेश मंत्रालय, प्रधानमंत्री कार्यालय और सत्तारूढ़ पार्टी का कार्यालय शुरुआती स्तर पर स्थिति का आकलन कर रहे हैं।

इस आकलन के जरिए यह तय किया जाएगा कि नेपाल को अंतरराष्ट्रीय सहायता की आवश्यकता है या नहीं और यदि है तो किस प्रकार तथा कितनी मात्रा में सहायता की जरूरत होगी। नेपाल सरकार की ओर से इस संबंध में जल्द निर्णय लिए जाने की उम्मीद है।

जगदीश खरेल ने यह भी कहा कि भारत और अन्य पड़ोसी देशों की ओर से मिलने वाला सहयोग नेपाल के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने वर्ष 2015 में नेपाल में आए विनाशकारी भूकंप का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय भी पड़ोसी देशों की सहायता का महत्व सामने आया था।

नेपाल में आई मौजूदा बाढ़ ने कई क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। तिब्बत से लगी सीमा के पास अचानक आई बाढ़ में कम से कम 100 लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जबकि बड़ी संख्या में लोग प्रभावित हुए हैं। बाढ़ के कारण सड़क, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को भी गंभीर नुकसान पहुंचा है।

आपदा के बाद राहत और बचाव अभियान जारी है। प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और लापता लोगों का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कई क्षेत्रों में सड़क संपर्क प्रभावित होने के कारण राहत कार्यों में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

ऐसे समय में भारत की ओर से राहत सामग्री की पहली खेप भेजे जाने को दोनों देशों के पुराने मानवीय और रणनीतिक संबंधों से जोड़कर देखा जा रहा है। भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा के साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सामाजिक संबंध रहे हैं। प्राकृतिक आपदाओं के समय दोनों देश पहले भी एक-दूसरे को सहयोग देते रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से हर संभव सहायता का भरोसा दिए जाने और नेपाली प्रधानमंत्री बालेन शाह की ओर से सार्वजनिक रूप से आभार जताए जाने के बाद दोनों देशों के बीच सहयोग का संदेश सामने आया है। नेपाल सरकार अब आपदा से हुए नुकसान का विस्तृत आकलन कर रही है, जिसके आधार पर आगे आवश्यक अंतरराष्ट्रीय सहायता को लेकर फैसला लिया जाएगा।

फिलहाल भारत ने राहत सामग्री भेजकर नेपाल के लिए मानवीय सहायता की शुरुआत कर दी है। नेपाल में बचाव और राहत अभियान जारी रहने के बीच दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच हुई बातचीत ने यह संदेश दिया है कि गंभीर प्राकृतिक आपदा की इस घड़ी में भारत नेपाल के साथ खड़ा है।

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