
Panchkula Police Encounter: पंचकूला में लॉरेंस और अर्जू बिश्नोई गैंग के दो संदिग्ध शूटर गिरफ्तार, एसएचओ की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली
हरियाणा के पंचकूला में पुलिस और क्राइम ब्रांच-2 की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद लॉरेंस बिश्नोई और अर्जू बिश्नोई गैंग से कथित रूप से जुड़े दो शूटरों को गिरफ्तार किया है। सेक्टर-3 में ताऊ देवी लाल स्टेडियम के पास हुई इस मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की ओर से की गई फायरिंग में एक गोली थाना प्रभारी (एसएचओ) की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जबकि एक अन्य गोली सहायक उपनिरीक्षक सुनील कुमार के कान के बेहद करीब से गुजर गई। दोनों घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और वे पुलिस हिरासत में हैं।
पुलिस के अनुसार, क्राइम ब्रांच-2 को गुप्त सूचना मिली थी कि लॉरेंस बिश्नोई और अर्जू बिश्नोई गैंग से जुड़े दो हथियारबंद संदिग्ध किसी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की फिराक में इलाके में घूम रहे हैं। सूचना के आधार पर पंचकूला पुलिस और क्राइम ब्रांच-2 की संयुक्त टीम ने ताऊ देवी लाल स्टेडियम से सेक्टर-21 की ओर जाने वाले मार्ग पर नाकेबंदी की। इसी दौरान संदिग्ध पुलिस टीम के सामने आए। पुलिस का दावा है कि नाकाबंदी देखकर दोनों ने भागने की कोशिश की और उन्हें रोकने का प्रयास किए जाने पर पुलिसकर्मियों पर गोलियां चला दीं।
अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस टीम ने सायरन बजाकर आरोपियों को आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। पुलिस के मुताबिक, चेतावनी के बावजूद संदिग्धों ने दोबारा फायरिंग की। इस दौरान एक गोली पुलिस की सरकारी गाड़ी में लगी, जबकि दूसरी गोली एसएचओ की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी। जैकेट की वजह से थाना प्रभारी को गोली से गंभीर चोट नहीं आई। वहीं, सहायक उपनिरीक्षक सुनील कुमार के कान के पास से गोली निकल गई, जिससे वह बाल-बाल बच गए। पुलिस ने इसे अपनी टीम पर जानलेवा हमले की घटना बताया है।
पुलिस के अनुसार, जवाबी कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई। इस दौरान दोनों संदिग्धों के पैरों में गोली लगी और वे घायल होकर गिर पड़े। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें काबू कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अर्शदीप सिंह और जुगराज सिंह के रूप में हुई है। पुलिस को संदेह है कि दोनों किसी लक्षित हमले को अंजाम देने के उद्देश्य से इस क्षेत्र में पहुंचे थे। प्रारंभिक जानकारी में मोहाली के एक बिल्डर से कथित रंगदारी मांगने और रकम नहीं मिलने पर उसके कार्यालय को निशाना बनाने की आशंका भी जताई गई है। हालांकि, प्रस्तावित हमले और उसके संभावित निशाने से संबंधित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने घटनास्थल से हथियार बरामद किए हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच में आरोपियों के कथित गैंग कनेक्शन, हथियारों के स्रोत, आपराधिक पृष्ठभूमि और क्षेत्र में उनके संभावित संपर्कों की पड़ताल की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या दोनों को किसी विशेष व्यक्ति पर हमला करने का निर्देश दिया गया था और इस कथित साजिश में अन्य लोग भी शामिल थे या नहीं। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद आरोपियों से पूछताछ की जाएगी।



