
Azam Khan ED Questioning: रामपुर जेल में आजम खां से छह घंटे पूछताछ, जौहर ट्रस्ट को मिले करोड़ों के चंदे के स्रोत की जांच तेज
उत्तर प्रदेश के रामपुर जिला कारागार में बंद समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मंगलवार को करीब छह घंटे तक पूछताछ की। लखनऊ से पहुंची ईडी की टीम ने मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी को कंपनियों के माध्यम से मिले करोड़ों रुपये के चंदे और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन के बारे में सवाल किए। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि ट्रस्ट और विश्वविद्यालय को मिली रकम का मूल स्रोत क्या था और इसे किन माध्यमों से संबंधित खातों तक पहुंचाया गया।
जेल प्रशासन के मुताबिक, ईडी की तीन सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह करीब 9:45 बजे रामपुर जिला जेल पहुंची और शाम लगभग 4:15 बजे बाहर निकली। जेल नियमावली के तहत आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद अधिकारियों ने आजम खां से पूछताछ की। जांच का मुख्य केंद्र जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय लेन-देन, चंदे की रकम और संबंधित कंपनियों की भूमिका रही। फिलहाल ईडी की ओर से पूछताछ के निष्कर्षों को लेकर कोई विस्तृत आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
जांच में एस एंड ए सहित करीब 11 फर्मों के माध्यम से जौहर यूनिवर्सिटी को करोड़ों रुपये का चंदा दिए जाने का मामला सामने आया है। ईडी इन फर्मों से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड, बैंक खातों और ट्रस्ट तक रकम पहुंचने के रास्तों की पड़ताल कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि चंदे के रूप में दिखाई गई रकम कहां से आई, किन खातों से स्थानांतरित हुई और उसका इस्तेमाल किन कार्यों में किया गया। जांचकर्ताओं की कोशिश है कि संबंधित कंपनियों के लेन-देन और ट्रस्ट के दस्तावेजों का मिलान करके पूरे वित्तीय प्रवाह की जानकारी जुटाई जा सके।
आजम खां से पूछताछ से पहले ईडी इस मामले में ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े कई लोगों के बयान दर्ज कर चुकी है। जौहर ट्रस्ट के संयुक्त सचिव और समाजवादी पार्टी के विधायक नसीर अहमद खां से भी पूछताछ की गई है। इसके अलावा आजम खां के करीबी सालिम से दो बार सवाल-जवाब किए जाने की जानकारी सामने आई है। सालिम को तीसरी बार भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वह आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम का दोस्त है और उनके कामकाज से जुड़ा रहा है। आजम खां के एक अन्य करीबी अनवर की भूमिका भी जांच के दायरे में बताई जा रही है। ईडी इन लोगों के बयानों और दस्तावेजों के आधार पर वित्तीय लेन-देन की कड़ियां जोड़ रही है।
इस मामले में ईडी पहले भी कार्रवाई कर चुकी है। 19 अगस्त को एजेंसी ने रामपुर, सहारनपुर और दिल्ली में जौहर ट्रस्ट, जौहर यूनिवर्सिटी और आजम खां से जुड़े करीब 10 ठिकानों पर तलाशी ली थी। उस दौरान विश्वविद्यालय के निर्माण खर्च, ट्रस्ट को मिले चंदे और वित्तीय लेन-देन से संबंधित दस्तावेजों की जांच की गई। इसके बाद 25 सितंबर को जौहर यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर जहीरुद्दीन से लगभग आठ घंटे पूछताछ की गई। पांच अक्टूबर को आजम खां के चार्टर्ड अकाउंटेंट दीपक गोयल और छह अक्टूबर को सपा विधायक नसीर अहमद खां से भी पूछताछ हुई। आठ अक्टूबर को सालिम से दूसरी बार करीब आठ घंटे सवाल-जवाब किए गए थे।
ईडी की जांच में सरकारी ठेकों से जुड़े वित्तीय लेन-देन और उनसे संबंधित रकम के ट्रस्ट या विश्वविद्यालय तक पहुंचने की आशंकाओं की भी पड़ताल की जा रही है। एजेंसी बैंक खातों, निर्माण कार्यों के खर्च, चंदे से जुड़े रिकॉर्ड और संबंधित लोगों के बयानों का मिलान कर रही है। इस जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि लेन-देन सामान्य वित्तीय गतिविधियों के तहत हुए या उनमें कोई अनियमितता अथवा धनशोधन से जुड़ा पहलू मौजूद है। हालांकि, जांच जारी है और पूछताछ अपने आप में किसी व्यक्ति के दोषी होने का प्रमाण नहीं है।
आजम खां धोखाधड़ी के एक मामले में सजा मिलने के बाद 18 अक्टूबर 2025 से रामपुर जिला जेल में बंद हैं। जौहर ट्रस्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े वित्तीय मामलों की जांच के तहत ईडी पहले भी उनसे सीतापुर जेल में पूछताछ कर चुकी है। आयकर विभाग भी अपने स्तर पर संबंधित मामलों की जांच कर रहा है। मंगलवार को हुई पूछताछ के बाद अब एजेंसी संबंधित दस्तावेजों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करेगी।



