Politicsदेश

Odisha Farmers Protest: प्रधानमंत्री मोदी के ओडिशा दौरे पर 25 अक्टूबर को किसानों का बड़ा प्रदर्शन, नवनिर्माण कृषक संगठन ने खोला मोर्चा

Odisha Farmers Protest: प्रधानमंत्री मोदी के ओडिशा दौरे पर 25 अक्टूबर को किसानों का बड़ा प्रदर्शन, नवनिर्माण कृषक संगठन ने खोला मोर्चा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी 25 अक्टूबर 2026 को प्रस्तावित ओडिशा दौरे से पूर्व राज्य में किसानों और आदिवासी संगठनों ने केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। ओडिशा के सबसे प्रभावशाली कृषक मंच ‘नवनिर्माण कृषक संगठन’ (एनकेएस) ने प्रधानमंत्री के प्रवास के दौरान राज्यव्यापी शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन और घेराव करने की आधिकारिक घोषणा की है। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक अक्षय कुमार ने गुरुवार को भुवनेश्वर में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें जनहितैषी कृषि नीतियों को दरकिनार कर जल, जंगल, जमीन और बहुमूल्य प्राकृतिक संसाधनों को बड़े कॉरपोरेट घरानों के सुपुर्द करने पर आमादा हैं, जिसका खामियाजा राज्य के मेहनतकश अन्नदाता और मूल निवासी भुगत रहे हैं।

अक्षय कुमार ने रायगड़ा और कालाहांडी जिले की सीमा पर स्थित ‘सिजिमाली बॉक्साइट खनन परियोजना’ का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि अपनी पुश्तैनी जमीनों और वनों को बचाने के लिए लोकतांत्रिक आंदोलन कर रहे स्थानीय आदिवासियों और किसानों पर फर्जी मुकदमे लादकर उन्हें जेलों में ठूंसा जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2020-21 में ऐतिहासिक किसान आंदोलन के दौरान केंद्र सरकार ने 23 प्रमुख फसलों पर स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुरूप न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी देने का लिखित आश्वासन दिया था, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी यह वादा अधूरा है। एमएसपी के अभाव में ओडिशा का धान उत्पादक किसान बिचौलियों के हाथों औने-पौने दाम पर फसल बेचने को मजबूर है और कर्ज के जाल में फंसता जा रहा है।

किसान संगठन ने इस विरोध के दायरे को बढ़ाते हुए राज्य की शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का मुद्दा भी उठाया। अक्षय कुमार ने दावा किया कि ओडिशा में कक्षा 1 से 8 तक की सरकारी पाठ्यपुस्तकों में 1,678 गंभीर तथ्यात्मक त्रुटियां सामने आने के बाद भी संशोधित पुस्तकें छात्रों को नहीं दी गईं, जिसके विरोध में उन्होंने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) को आम जनता के मताधिकार पर प्रहार बताते हुए राजनीतिक कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारियों की कड़ी निंदा की। संगठन ने चेतावनी दी है कि 25 अक्टूबर को राजधानी भुवनेश्वर सहित प्रमुख जिला मुख्यालयों पर किसान सड़कों पर उतरकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।

Show More

Related Articles

Back to top button