Myanmar Earthquake: म्यांमार में एक बार फिर कांपी धरती, 4.4 तीव्रता के भूकंप से दहशत

Myanmar Earthquake: म्यांमार में एक बार फिर कांपी धरती, 4.4 तीव्रता के भूकंप से दहशत
म्यांमार में एक बार फिर भूकंप के झटकों से धरती कांप उठी, जिससे लोगों में डर और दहशत का माहौल बन गया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार इस भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई। भूकंप का केंद्र जमीन से लगभग 100 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। हालांकि इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल कोई सूचना सामने नहीं आई है, लेकिन झटके महसूस होते ही लोग अपने घरों और इमारतों से बाहर निकल आए।
गौरतलब है कि म्यांमार में हाल के दिनों में लगातार भूकंपीय गतिविधियां दर्ज की जा रही हैं। इससे पहले 13 दिसंबर को यहां 3.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र 115 किलोमीटर की गहराई में था। वहीं 11 दिसंबर को 3.8 तीव्रता और 10 दिसंबर को 4.6 तीव्रता का भूकंप भी इसी क्षेत्र में दर्ज किया गया था। लगातार आ रहे इन झटकों ने एक बार फिर म्यांमार की भूकंपीय संवेदनशीलता को उजागर कर दिया है।
भूवैज्ञानिकों के अनुसार म्यांमार भूकंप के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र माना जाता है। यह देश चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों—भारतीय, यूरेशियन, सुंडा और बर्मा प्लेट—के बीच स्थित है, जिनके आपसी टकराव और हलचल के कारण यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। इसके अलावा म्यांमार से होकर करीब 1400 किलोमीटर लंबी ट्रांसफॉर्म फॉल्ट लाइन गुजरती है, जो अंडमान स्प्रेडिंग सेंटर को उत्तर में स्थित सागाइंग फॉल्ट से जोड़ती है। यही सागाइंग फॉल्ट मांडले, सागाइंग, बागो और यांगून जैसे बड़े शहरों के लिए गंभीर भूकंपीय खतरा पैदा करती है।
इतिहास गवाह है कि म्यांमार में पहले भी विनाशकारी भूकंप आ चुके हैं। इसी साल 28 मार्च को यहां 7.7 तीव्रता का भीषण भूकंप आया था, जिसने देश में भारी तबाही मचाई थी। उस भूकंप में बुनियादी ढांचा, सड़कें और रिहायशी इमारतें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं। इस आपदा में 2700 से अधिक लोगों की मौत हुई थी और हजारों लोग घायल हुए थे। मौजूदा भूकंप भले ही मध्यम तीव्रता का रहा हो, लेकिन बार-बार आ रहे झटके भविष्य में बड़े खतरे की आशंका को नजरअंदाज नहीं करने देते।



