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Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेले का भव्य शुभारंभ, हजारों श्रद्धालु संगम में लगा रहे आस्था की डुबकी

Magh Mela 2026: प्रयागराज में माघ मेले का भव्य शुभारंभ, हजारों श्रद्धालु संगम में लगा रहे आस्था की डुबकी

संगम नगरी प्रयागराज में आज, 3 जनवरी 2026 से माघ मेले का भव्य शुभारंभ हो गया। देश-विदेश से हजारों की संख्या में श्रद्धालु पवित्र त्रिवेणी संगम—जहाँ गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का मिलन होता है—में आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे। माघ मेले का पहला पौष पूर्णिमा स्नान आज आयोजित किया गया, और यह मेला कुल 44 दिनों तक चलने वाला है।

आयोजन की भव्यता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर तैयारियां की हैं। संगम क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात की सुविधाओं का विशेष इंतजाम किया गया है ताकि श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के पवित्र स्नान कर सकें।

मेले के पहले दिन सुबह से ही संगम के घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब देखा गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोग देश के कोने-कोने से पवित्र संगम में स्नान करने पहुंचे। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुव्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने घाटों पर सभी आवश्यक इंतजाम किए हैं।

डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने कहा, “बहुत ही सुचारू रूप से सभी इंतजाम चल रहे हैं। श्रद्धालु हर घाट पर आस्था की डुबकी लगा रहे हैं। किसी को कोई परेशानी नहीं हो रही है और लोग संगम क्षेत्र में आसानी से आ-जा पा रहे हैं।”

माघ मेले की व्यवस्था की जिम्मेदारी संभाल रही मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने बताया, “श्रद्धालुओं से बातचीत में हमने पाया कि सभी व्यवस्था को सुचारू और सुविधाजनक मान रहे हैं। हमने जितनी सुविधा उपलब्ध करवानी थी, उतनी पूरी तरह उपलब्ध कराई गई है। श्रद्धालु यहां आराम से स्नान कर रहे हैं।”

इस भव्य माघ मेले में साधु-संत और कल्पवासी भी बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। पवित्र संगम में डुबकी लगाने के बाद साधुओं ने कहा कि माघ मेला महाकुंभ के समान पवित्र है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र अवसर पर स्नान करने से पाप धुल जाते हैं, आत्मा शुद्ध होती है और ईश्वर की कृपा प्राप्त होती है।

माघ मेला केवल स्नान और आस्था का ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और आध्यात्मिक अनुभव का भी अद्भुत संगम है। श्रद्धालुओं के अलावा साधु-संतों की उपस्थिति, धार्मिक अनुष्ठान और भजन-कीर्तन इसे और भी विशेष बनाते हैं। प्रशासन का प्रयास है कि यह मेला श्रद्धालुओं के लिए पूरी तरह सुरक्षित और सुविधाजनक रहे।

इस प्रकार, प्रयागराज में माघ मेले की शुरुआत ने आध्यात्मिक वातावरण को जीवंत कर दिया है। आने वाले 44 दिनों तक यह मेला देश-विदेश से आने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए आस्था, श्रद्धा और साधना का केंद्र बना रहेगा।

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