Wrestling Visa Row: U23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप से पहले 9 भारतीय पहलवानों का अमेरिकी वीजा खारिज, टूर्नामेंट में खेलने पर संकट

Wrestling Visa Row: U23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप से पहले 9 भारतीय पहलवानों का अमेरिकी वीजा खारिज, टूर्नामेंट में खेलने पर संकट
अंडर-23 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप से ठीक पहले भारतीय कुश्ती दल को बड़ा झटका लगा है। अमेरिका ने लास वेगास में होने वाली U23 वर्ल्ड रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए जाने वाले नौ भारतीय पहलवानों को वीजा देने से इनकार कर दिया है। इससे इन पहलवानों की प्रतियोगिता में भागीदारी पर सवाल खड़ा हो गया है। प्रतियोगिता 12 से 18 अक्टूबर तक लास वेगास में आयोजित होनी है।
बुधवार को नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में 16 भारतीय पहलवानों ने वीजा इंटरव्यू दिया था। इनमें से नौ पहलवानों को वीजा नहीं दिया गया। भारतीय दल से जुड़े लोगों के मुताबिक इनमें आठ पहलवान 20 वर्ष या उससे कम उम्र के थे, जबकि एक पहलवान को नौकरी से जुड़ी जानकारी को लेकर समस्या बताई गई।
रिपोर्टों के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों की ओर से वीजा अस्वीकार किए जाने के पीछे उम्र और रोजगार की स्थिति से जुड़े सवाल बताए गए हैं। एक पहलवान भारतीय रेलवे में हाल ही में नियुक्त हुआ था और उसके वेतन से संबंधित दस्तावेज या जानकारी को लेकर सवाल उठे। हालांकि वीजा अस्वीकृति की विस्तृत आधिकारिक वजह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आई है।
भारतीय कुश्ती महासंघ यानी WFI ने मामले को गंभीरता से लिया है। महासंघ की ओर से अमेरिकी अधिकारियों से फैसले की समीक्षा की मांग किए जाने की जानकारी सामने आई है। WFI की कोशिश है कि प्रभावित पहलवानों को दोबारा वीजा प्रक्रिया का अवसर मिल सके और वे निर्धारित समय पर अमेरिका पहुंचकर प्रतियोगिता में हिस्सा ले सकें।
इस प्रतियोगिता के लिए भारत ने कुल 30 पहलवानों का चयन किया है। बुधवार को 16 पहलवान और आठ सपोर्ट स्टाफ वीजा प्रक्रिया के लिए अमेरिकी दूतावास पहुंचे थे। नौ पहलवानों के वीजा खारिज होने से भारतीय टीम की कई श्रेणियों में भागीदारी प्रभावित हो सकती है।
वीजा विवाद में जिन पहलवानों का नाम सामने आया है, उनमें नेहा सांगवान भी शामिल हैं। नेहा 2024 की U17 विश्व चैंपियन रह चुकी हैं और भारतीय कुश्ती की उभरती प्रतिभाओं में गिनी जाती हैं। उनके अलावा कई अन्य युवा पहलवानों के वीजा आवेदन भी अस्वीकार किए गए हैं।
भारतीय पहलवानों के सामने अब समय की चुनौती भी है। प्रतियोगिता 12 अक्टूबर से शुरू होनी है और टीम को प्रतियोगिता से पहले अमेरिका पहुंचना जरूरी है। ऐसे में वीजा समीक्षा और नए निर्णय के लिए बहुत कम समय बचा है। WFI इसी वजह से मामले को जल्द सुलझाने की कोशिश कर रहा है।
यह विवाद ऐसे समय सामने आया है जब भारत ने U23 स्तर पर कई मजबूत पहलवान तैयार किए हैं और युवा खिलाड़ियों के लिए विश्व चैंपियनशिप अंतरराष्ट्रीय अनुभव हासिल करने का महत्वपूर्ण मंच है। यदि प्रभावित पहलवान समय पर अमेरिका नहीं पहुंच पाते हैं तो उनकी संबंधित स्पर्धाओं में भारत की भागीदारी प्रभावित होगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि अमेरिकी अधिकारियों की समीक्षा के बाद सभी नौ पहलवानों को दोबारा वीजा मिल पाएगा या नहीं। WFI की ओर से आगे की कार्रवाई और अमेरिकी अधिकारियों के जवाब पर भारतीय दल की अंतिम स्थिति निर्भर करेगी।



