Adarsh Nagar Murder: दिल्ली में 28 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या, कोर्ट में गवाही देने से पहले हुआ हमला
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के आदर्श नगर थाना क्षेत्र में 28 वर्षीय युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वारदात ट्रांसपोर्ट नगर स्थित न्यू सब्जी मंडी के पास हुई। मृतक की पहचान आलम पुत्र मोहम्मद हनीफ के रूप में हुई है। आलम मूल रूप से बिहार के सहरसा का रहने वाला था और फिलहाल जहांगीरपुरी के एच-4 ब्लॉक स्थित झुग्गी में रह रहा था। परिजनों के मुताबिक आलम को एक मामले में कोर्ट में गवाही देनी थी, लेकिन उससे पहले ही देर रात उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पुलिस के मुताबिक घटना की जानकारी बीजेआरएम अस्पताल में तैनात ड्यूटी कांस्टेबल के जरिए मिली। पुलिस को बताया गया कि गोली लगने से घायल एक युवक को अस्पताल लाया गया है। सूचना मिलते ही आदर्श नगर थाना पुलिस की टीम अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।
अस्पताल पहुंचने पर पुलिस को पता चला कि डॉक्टरों ने गोली लगने से घायल युवक को मृत घोषित कर दिया है। मृतक की पहचान 28 वर्षीय आलम के रूप में हुई। प्रारंभिक जांच के दौरान उसके शरीर पर गोली लगने के कई निशान पाए गए हैं।
इसके बाद पुलिस ने यह पता लगाने की कोशिश शुरू की कि आलम को गोली कहां और किन परिस्थितियों में मारी गई। शुरुआती जांच में सामने आया कि वारदात रात करीब 1 बजकर 45 मिनट पर ट्रांसपोर्ट नगर स्थित न्यू सब्जी मंडी में हुई थी।
पुलिस के अनुसार घटनास्थल न्यू सब्जी मंडी की दुकान नंबर ए-1500 के पास बताया गया है। जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। घटनास्थल पर मिले साक्ष्यों के आधार पर हत्या की जांच शुरू की गई।
पुलिस को मौके पर खून के निशान मिले। इसके अलावा घटनास्थल से कई खाली कारतूस भी बरामद किए गए हैं। इससे आशंका है कि हमलावरों ने आलम पर एक से अधिक गोलियां चलाई थीं। हालांकि कितनी गोलियां चलाई गईं और कितने हमलावर वारदात में शामिल थे, इसकी जांच की जा रही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम टीम को भी मौके पर बुलाया गया। क्राइम टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर वहां से जरूरी साक्ष्य जुटाए। इन साक्ष्यों की मदद से पुलिस वारदात के तरीके और आरोपियों के बारे में जानकारी हासिल करने की कोशिश कर रही है।
आदर्श नगर थाने में संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस की जांच का सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि आलम की हत्या किसने की और इसके पीछे क्या वजह थी। फिलहाल हत्या के वास्तविक कारण को लेकर पुलिस की ओर से कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
जांच टीम घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वारदात से पहले आलम किसके साथ था और गोलीबारी के समय या उसके तुरंत बाद इलाके में कौन-कौन लोग मौजूद थे।
सीसीटीवी फुटेज के जरिए संदिग्ध लोगों और वाहनों की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही वारदात से पहले और बाद की पूरी समय-सीमा तैयार कर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस मृतक के परिजनों और परिचितों से भी पूछताछ कर रही है। आलम के संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसका किसी व्यक्ति से कोई विवाद था या उसे पहले किसी तरह की धमकी मिली थी।
इस हत्याकांड में एक महत्वपूर्ण पहलू आलम की कोर्ट में होने वाली गवाही है। मृतक के बड़े भाई मोहम्मद आफाक के मुताबिक आलम को एक मामले में कोर्ट के सामने गवाही देनी थी। हत्या से ठीक पहले उसकी प्रस्तावित गवाही के कारण पुलिस जांच में इस पहलू के भी महत्वपूर्ण होने की संभावना है।
मोहम्मद आफाक ने बताया कि आलम मूल रूप से बिहार के सहरसा का रहने वाला था। वह वर्तमान में दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में रहता था। उसके परिवार में दो पत्नियां और तीन बच्चे हैं।
परिजनों के मुताबिक आलम दो दिन पहले ही बिहार से दिल्ली आया था। उसे कोर्ट में एक मामले में गवाही देनी थी, लेकिन गवाही से पहले ही देर रात न्यू सब्जी मंडी के पास उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
हालांकि आलम की हत्या का उसकी कोर्ट में होने वाली गवाही से कोई सीधा संबंध है या नहीं, यह अभी जांच का विषय है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है और किसी एक वजह को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
मृतक के भाई मोहम्मद आफाक ने मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप भी लगाया है। पुलिस की ओर से फिलहाल हत्या की जांच जारी है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के साथ सीसीटीवी फुटेज तथा लोगों के बयानों को जांच का हिस्सा बनाया जा रहा है।
पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि हमलावरों ने आलम को पहले से निशाना बनाया था या घटनास्थल पर किसी विवाद के बाद गोलीबारी हुई। खाली कारतूस और शरीर पर मिले गोली के कई निशानों को देखते हुए वारदात से जुड़े हर पहलू की जांच की जा रही है।
हत्या के बाद आरोपियों के घटनास्थल से भागने के संभावित रास्तों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। आसपास लगे कैमरों की फुटेज की मदद से पुलिस संदिग्धों की पहचान करने और उनकी गतिविधियों को ट्रैक करने का प्रयास कर रही है।
कोर्ट में गवाही देने से ठीक पहले आलम की हत्या होने के परिजनों के दावे ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। अब पुलिस के सामने हत्या के आरोपियों की पहचान करने के साथ यह स्पष्ट करने की चुनौती है कि वारदात के पीछे गवाही से जुड़ा कोई कारण था या हत्या किसी अन्य रंजिश या विवाद का नतीजा थी।
फिलहाल आदर्श नगर थाना पुलिस और जांच से जुड़ी टीमें मामले की तह तक पहुंचने में जुटी हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर वारदात में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।