Delhi Crime: न्यू अशोक नगर में सरकारी कर्मचारी युवती की संदिग्ध मौत, परिवार ने हत्या का लगाया आरोप, जांच तेज
दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके में एक 20 वर्षीय सरकारी कर्मचारी युवती की संदिग्ध मौत ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है, जहां युवती अपने कमरे में फंदे से लटकी हुई मिली और इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। घटना की सूचना पुलिस को PCR कॉल के जरिए मिली, जिसमें आत्महत्या की आशंका जताई गई थी, जिसके बाद पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पाया कि कमरा अंदर से बंद था। दरवाजा खोलने के लिए फायर सर्विस की मदद ली गई, जिसके बाद अंदर युवती का शव लटका हुआ मिला। पुलिस ने तुरंत मौके को सुरक्षित कर जांच शुरू की, लेकिन घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए Lal Bahadur Shastri Hospital भेजा गया है, जहां मौत के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल मामला आत्महत्या की आशंका के तहत दर्ज किया गया है और Section 174 CrPC के तहत कार्यवाही की जा रही है, हालांकि जांच के दौरान हर पहलू को ध्यान में रखा जा रहा है। वहीं दूसरी ओर मृतका के परिजनों ने पुलिस की इस प्रारंभिक थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है और इसे हत्या का मामला बताया है। परिजनों का आरोप है कि युवती की हत्या कर उसे फंदे से लटकाया गया है, और घटनास्थल पर उसके कपड़े अस्त-व्यस्त मिले थे, जो किसी संघर्ष की ओर इशारा करते हैं। परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी उन्हें धमका रहा था और उनकी आर्थिक स्थिति का हवाला देकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहा था।
परिजनों ने अस्पताल के बाहर न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें दो दिन तक शव को ठीक से देखने नहीं दिया गया, जिससे उनके संदेह और गहरे हो गए हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय लोगों में भी आक्रोश पैदा कर दिया है और लोग निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पुलिस ने कमरे को सील कर फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित कर लिया है और साक्ष्यों को जुटाया जा रहा है ताकि सच्चाई सामने आ सके। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा और यदि किसी भी प्रकार की आपराधिक साजिश सामने आती है तो संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और इस मामले को गंभीरता से लिया गया है, क्योंकि यह घटना कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर रही है।