Delhi Police Action: कृष्ण गहता गैंग का कुख्यात गुर्गा रविंद्र देसवाल फिल्मी अंदाज में गिरफ्तार
दिल्ली और हरियाणा में आतंक का पर्याय बने कृष्ण गहता गैंग को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ा झटका दिया है। गैंग का कुख्यात अंतरराज्यीय सदस्य रविंद्र देसवाल उर्फ बोरी को गिरफ्तार कर लिया गया, जो पिछले दो साल से पुलिस की नज़र से बचता आया था। रविंद्र देसवाल के खिलाफ 20 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसे उसके साथी ‘छोटा’ और ‘भांजा’ के नाम से भी जाना जाता है।
गिरफ्तारी द्वारका एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा पर एक फिल्मी अंदाज में हुई। दिल्ली पुलिस के ‘ऑपरेशन कवच’ के तहत यह कार्रवाई की गई। डीसीपी क्राइम ब्रांच हर्ष इंदोरा और एसीपी भगवती प्रसाद की देखरेख में इंस्पेक्टर पवन कुमार की विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम में एसआई राजा राम, एएसआई रमेश, एएसआई राहुल कुमार, हेड कांस्टेबल अमित कुमार और कांस्टेबल अशोक शामिल थे।
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि रविंद्र देसवाल गुरुग्राम और आसपास के क्षेत्रों में लगातार अपनी लोकेशन बदलते हुए छिप रहा है। वह अपने रिश्तेदारों और परिचितों के नाम पर जारी मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर पुलिस को चकमा दे रहा था। क्राइम ब्रांच की टीम पिछले चार हफ्तों से रविंद्र के पीछे थी। इस दौरान गुरुग्राम, सोनीपत और रोहतक में लगभग 25 ठिकानों पर छापेमारी की गई और तकनीकी सर्विलांस का भी सहारा लिया गया।
24 जनवरी 2026 की शाम को टीम को पुख्ता जानकारी मिली कि रविंद्र गुरुग्राम के आर्टेमिस अस्पताल के पास देखा गया है। पुलिस ने तुरंत पीछा शुरू किया। रविंद्र ने पुलिस को देखकर भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने उसे द्वारका एक्सप्रेसवे टोल प्लाजा के पास चारों तरफ से घेरकर धर दबोचा।
यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की कड़ी मेहनत और समन्वित तकनीकी एवं फील्ड ऑपरेशन की सफलता का उदाहरण है।