Delhi Pollution: वर्क फ्रॉम होम लागू न करने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई, दिल्ली के हालात पर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की सख्त चेतावनी

Delhi Pollution: वर्क फ्रॉम होम लागू न करने वाली कंपनियों पर होगी कार्रवाई, दिल्ली के हालात पर पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा की सख्त चेतावनी

दिल्ली में कड़ाके की ठंड, घना कोहरा और खतरनाक स्तर पर पहुंच चुके प्रदूषण के बीच दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जो कंपनियां वर्क फ्रॉम होम लागू नहीं करेंगी, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने राजधानी में मौजूदा हालात के लिए पश्चिमी विक्षोभ को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मौसम के इस प्रभाव के कारण ठंड और प्रदूषण दोनों बढ़े हैं, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सरकार द्वारा ग्रैप-4 लागू किया गया है, जिसके बाद लगातार सख्त कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रैप-4 लागू होने के बाद अब तक दो लाख 12 हजार 332 पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट जारी किए जा चुके हैं, जबकि करीब 10 हजार PUC का नवीनीकरण भी किया गया है। इसके साथ ही प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों की पहचान की जा रही है और जो इकाइयां नियमों का उल्लंघन करती पाई जाएंगी, उन्हें सील किया जाएगा।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि सरकार को जानकारी मिली है कि कई निजी कंपनियां अभी भी वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू नहीं कर रही हैं, जबकि मौजूदा हालात में यह बेहद जरूरी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि पहले ऐसी कंपनियों से अनुरोध किया जा रहा है, लेकिन अगर इसके बाद भी वर्क फ्रॉम होम लागू नहीं किया गया तो सरकार उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी। सिरसा ने कहा कि ट्रैफिक कम करना और लोगों की अनावश्यक आवाजाही रोकना प्रदूषण घटाने के लिए अहम कदम है।

दिल्ली में सोमवार को AQI 400 के पार पहुंच गया था, जिससे हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं। हालांकि, मंत्री ने दावा किया कि मौसम विभाग के मुताबिक आज प्रदूषण का स्तर बीते दिन के मुकाबले कुछ कम हुआ है, लेकिन अभी स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार हर स्तर पर हालात को सुधारने के लिए काम कर रही है।

मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह भी कहा कि दिल्ली सरकार विलुप्त हो चुके जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में भी गंभीरता से काम करेगी। उन्होंने दावा किया कि प्रदूषण के स्रोतों की पहचान की जा सकती है और सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है। मंत्री के इस बयान के बाद साफ हो गया है कि दिल्ली सरकार अब प्रदूषण को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।

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