Rithala Metro Fire: दिल्ली रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास भीषण आग, सैकड़ों झुग्गियां जलकर राख; एक शव बरामद, बचाव कार्य जारी
नई दिल्ली: दिल्ली के रोहिणी इलाके में रिठाला मेट्रो स्टेशन के पास शुक्रवार देर रात एक भीषण आग लग गई, जिसने झुग्गी बस्ती में तबाही मचा दी। आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में सैकड़ों झुग्गियां जलकर राख हो गईं। आग के दौरान स्थानीय लोगों में अफरातफरी मच गई और उन्होंने अपने-अपने सामान को बचाने की कोशिश की।
आग की सूचना दमकल विभाग को रात करीब साढ़े दस बजे मिली। तुरंत ही मौके पर दमकल की कई गाड़ियां पहुंचीं और आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया गया। दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि कुल 29 दमकल गाड़ियां और दो दर्जन से अधिक फायर टेंडर आग बुझाने के काम में लगे।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य में जुट गईं। आसपास के इलाकों को खाली कराया गया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। हालांकि, झुग्गियों में रखा अधिकांश सामान आग में जलकर खाक हो गया है।
दिल्ली अग्निशमन सेवा के अधिकारी एसके दुआ ने बताया कि आग के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। “हमें सूचना मिली कि रिठाला मेट्रो स्टेशन और दिल्ली जल बोर्ड के बीच स्थित बंगाली बस्ती में आग लगी है। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पा लिया है। एक बच्चा घायल हुआ है, जिसे एम्बुलेंस से अस्पताल भेज दिया गया। फिलहाल किसी और के हताहत होने की जानकारी नहीं है,” उन्होंने कहा।
इसके अलावा, आग लगने के दौरान कई जगह गैस सिलेंडरों में धमाके भी हुए, जिससे स्थानीय लोगों में और डर और तनाव फैल गया। दमकल कर्मियों ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आग पर काबू पाया और एक शव बरामद किया गया। घायल व्यक्ति का इलाज सफदरजंग अस्पताल में चल रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने आग प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर स्थापित किए हैं और जरूरतमंदों को भोजन, पानी और प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराई जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के सटीक कारणों की जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के बाद ही इसका विवरण सामने आएगा।
रिठाला मेट्रो स्टेशन के आसपास की झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोग लगातार अपने परिवार और पड़ोसियों के साथ अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने में जुटे रहे। अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर विश्वास न करें और सुरक्षित स्थानों पर बने रहें।
इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में झुग्गी बस्तियों में रहने वालों की सुरक्षा और नगर नियोजन की कमी पर सवाल खड़े कर दिए हैं।