Seemapuri Building Collapse: दिल्ली के सीमापुरी में जर्जर इमारत भरभराकर गिरी, 11 लोगों का रेस्क्यू; 3 की मौत, कई घायल

Seemapuri Building Collapse: दिल्ली के सीमापुरी में जर्जर इमारत भरभराकर गिरी, 11 लोगों का रेस्क्यू; 3 की मौत, कई घायल
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार को जर्जर बहुमंजिला इमारत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। ईदगाह मछली मंडी के पास गिरी इस इमारत के मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका के बाद बड़े स्तर पर राहत और बचाव अभियान चलाया गया। बचाव दलों और स्थानीय लोगों की मदद से कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला गया। बाद की जानकारी में 11 लोगों के रेस्क्यू किए जाने की बात सामने आई, जबकि हादसे में तीन लोगों की मौत की सूचना है। मृतकों में एक बच्चे के शामिल होने की जानकारी भी सामने आई है।
इमारत बुधवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अचानक भरभराकर गिर गई। घटना की सूचना मिलते ही दिल्ली फायर सर्विस की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। पुलिस, दमकल, सिविल डिफेंस और अन्य राहतकर्मियों ने तुरंत मलबे में फंसे लोगों की तलाश शुरू कर दी। हादसे के बाद स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए और उन्होंने अपने हाथों से मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने में बचाव दल की मदद की।
मलबे से निकाले गए घायलों को जीटीबी अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती घायलों में तीन साल का बच्चा भी शामिल है। शुरुआती मेडिकल जानकारी के अनुसार कुछ घायलों के सिर में चोट लगी है, जबकि कुछ लोगों को हड्डियों से जुड़ी चोटें आई हैं। डॉक्टरों की टीमें घायलों का उपचार कर रही हैं और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार यह जर्जर इमारत मूल रूप से दो मंजिल की थी और पिछले साल इसके ऊपर दो और मंजिलें बनाई गई थीं। लोगों का दावा है कि इमारत से सटे हिस्से में कुछ समय से तोड़फोड़ का काम भी चल रहा था। स्थानीय लोगों के मुताबिक इससे मकान की नींव और दीवारों पर असर पड़ा हो सकता है। हालांकि इमारत गिरने की वास्तविक वजह की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एक और महत्वपूर्ण जानकारी यह सामने आई कि मंगलवार रात चमोली में आए 4.9 तीव्रता के भूकंप के झटके दिल्ली-NCR में भी महसूस किए गए थे। स्थानीय लोगों का दावा है कि भूकंप के बाद इमारत में कई जगह दरारें दिखाई दी थीं। बताया जा रहा है कि मकान मालिक ने इमारत खाली कराने की तैयारी भी शुरू कर दी थी, लेकिन लोगों को पूरी तरह बाहर निकाला जाता, उससे पहले ही अगले दिन दोपहर में इमारत का अगला हिस्सा भरभराकर गिर गया।
हादसे के बाद आसपास की एक इमारत और मस्जिद की चारदीवारी को भी नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। इससे बचाव दल को मलबा हटाते समय अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ी। प्रशासन की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना रही कि मलबे के नीचे कोई और व्यक्ति फंसा न रह जाए।
घटना के बाद सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से घटनास्थल के आसपास जाने, रुकने या वाहन खड़ा करने से बचने की अपील की, ताकि एंबुलेंस और राहत-बचाव वाहनों को रास्ता मिल सके।
यह हादसा दिल्ली में भवन सुरक्षा को लेकर पहले से चल रही चिंता के बीच हुआ है। कुछ ही समय पहले सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरने से सात लोगों की मौत हुई थी। अब सीमापुरी में एक जर्जर इमारत के ढहने से पुराने और कमजोर भवनों की सुरक्षा, अवैध निर्माण तथा भवनों के स्ट्रक्चरल ऑडिट को लेकर सवाल फिर उठने लगे हैं।
फिलहाल इमारत गिरने की वजह को लेकर जांच की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाएगा कि निर्माण में नियमों का पालन हुआ था या नहीं, ऊपर की मंजिलों का निर्माण कब और किस अनुमति से हुआ तथा इमारत की संरचनात्मक स्थिति पहले से कितनी कमजोर थी। राहत और बचाव अभियान पूरा होने के बाद हादसे में हुई जनहानि और नुकसान का अंतिम आकलन किया जाएगा।



