Badaun Jail Escape: बदायूं जेल की दीवार फांदकर फरार 2 लाख के इनामी सुमित कुमार गिरफ्तार, मुरादाबाद से है खास कनेक्शन
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए सात साल से फरार चल रहे 2 लाख रुपये के इनामी अपराधी सुमित कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। सुमित कुमार साल 2018 में बदायूं जिला जेल की दीवार फांदकर फरार हो गया था और नेपाल भागने की योजना बना रहा था। आरोपी मुरादाबाद का निवासी है और उसके खिलाफ मुरादाबाद और बदायूं में हत्या और अन्य गंभीर अपराधों में कुल 9 मुकदमे दर्ज हैं।
एसटीएफ की बरेली फील्ड यूनिट को गुरुवार को मुखबिर से सूचना मिली कि सुमित कुमार बरेली से पीलीभीत मार्ग पर नेपाल भागने की फिराक में है। अपर पुलिस अधीक्षक अब्दुल कादिर के पर्यवेक्षण में चल रही कार्रवाई के तहत टीम ने मुरादाबाद-लखनऊ हाईवे के पुल के नीचे सुमित को दबोच लिया। उसकी गिरफ्तारी दोपहर 12:35 बजे हुई।
सुमित कुमार कुख्यात अपराधी है। एसटीएफ के मुताबिक, साल 2014 में उसके बड़े भाई रिंकू की हत्या तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख योगेंद्र उर्फ भूरा ने करवाई थी। इसके बदले में सुमित ने 2015 में मुरादाबाद कचहरी परिसर में योगेंद्र की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में उसे पहले मुरादाबाद जेल में रखा गया, बाद में बदायूं जेल में ट्रांसफर कर दिया गया।
बदायूं जेल में सुमित की जान-पहचान गोरखपुर निवासी चंदन से हुई, जिसने उसे जेल से भागने का प्लान बताया और मदद भी की। 12 मई 2018 को सुमित ने रस्से का इस्तेमाल कर जेल की दीवार फांदकर भागने में सफलता हासिल की। चंदन को रस्सा चढ़ाने में कठिनाई आई, इसलिए वह भागने में सफल नहीं हो पाया। भागने के बाद सुमित लगातार अपनी लोकेशन बदलता रहा और दिल्ली, मेरठ, तमिलनाडू, असम, ओडिशा तथा नेपाल में छिपकर रहा।
लंबे समय तक देश के भीतर छिपते रहने के बाद सुमित ने नेपाल में स्थायी रूप से बसने की योजना बनाई और पीलीभीत-टनकपुर मार्ग से नेपाल जाने का प्रयास कर रहा था। लेकिन STF की सतर्कता और घेराबंदी के कारण उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
सुमित कुमार पर हत्या, जेल तोड़कर भागने, और अन्य गंभीर अपराधों में कुल 9 मामले दर्ज हैं। उसे थाना सिविल लाइन्स, बदायूं में दाखिल किया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस द्वारा की जा रही है।