Delhi School Inspection: शाहबाद डेयरी में जर्जर सरकारी स्कूल भवन का मंत्री आशीष सूद ने किया निरीक्षण

Delhi School Inspection: शाहबाद डेयरी में जर्जर सरकारी स्कूल भवन का मंत्री आशीष सूद ने किया निरीक्षण

दिल्ली के शाहबाद डेयरी इलाके में स्थित एक सरकारी स्कूल की जर्जर इमारत को लेकर शिक्षा व्यवस्था और छात्र सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला एक बार फिर सामने आया है। शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्रराज के साथ मौके पर पहुंचकर स्कूल भवन का निरीक्षण किया और जमीनी हालात का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान स्कूल की बदहाल स्थिति साफ तौर पर देखने को मिली, जिससे बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता जाहिर की जा रही है।

निरीक्षण के समय स्कूल भवन की दीवारों में दरारें, छत की कमजोर स्थिति और कुल मिलाकर असुरक्षित ढांचा सामने आया। मंत्री आशीष सूद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस स्कूल की हालत को लेकर पहले भी कई बार संबंधित विभागों को अवगत कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री रविंद्र इंद्रराज पहले भी इस स्कूल का दौरा कर चुके हैं और स्थिति से भली-भांति परिचित हैं।

मंत्री ने कहा कि जर्जर भवन के कारण छात्रों की पढ़ाई और सुरक्षा दोनों पर असर पड़ रहा है। इसी वजह से जुलाई महीने में इस स्कूल के लगभग 5,000 छात्रों को मजबूरी में रोहिणी स्थित एक अन्य सरकारी स्कूल में शिफ्ट करना पड़ा। यह व्यवस्था अस्थायी थी, लेकिन इससे बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लंबी दूरी तय करने, परिवहन की समस्या और पढ़ाई में व्यवधान जैसी दिक्कतें लगातार सामने आ रही हैं।

आशीष सूद ने कहा कि सरकार छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता मानती है और किसी भी स्थिति में बच्चों की जान जोखिम में नहीं डाली जा सकती। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि स्कूल भवन की स्थिति पर जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए और आवश्यक कदम उठाए जाएं। मंत्री ने यह भी संकेत दिया कि यदि भवन मरम्मत योग्य नहीं पाया गया तो नए स्कूल भवन के निर्माण या स्थायी समाधान पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।

इस मौके पर अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए मांग की कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उनका कहना है कि जर्जर भवन और अस्थायी शिफ्टिंग के कारण बच्चों की पढ़ाई पर बुरा असर पड़ रहा है। सरकार के इस निरीक्षण के बाद अब सभी की नजरें आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं, ताकि छात्रों को जल्द सुरक्षित और स्थायी समाधान मिल सके।

IPPCI Media:
Related Post