Elvish Yadav Firing Case: एल्विश यादव फायरिंग केस: दो और शूटर गिरफ्तार, हिमांशु भाऊ गैंग से कनेक्शन, 50-50 हजार में की थी वारदात
गुरुग्राम। मशहूर यूट्यूबर एल्विश यादव के घर पर 17 अगस्त को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और शूटरों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान गौरव और आदित्य के रूप में हुई है, जो फरीदाबाद के रहने वाले हैं। दोनों शूटर कुख्यात हिमांशु भाऊ गैंग से जुड़े हुए हैं और घटना के समय सीसीटीवी कैमरे में भी फायरिंग करते हुए कैद हुए थे।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आरोपियों को इस वारदात को अंजाम देने के लिए 50-50 हजार रुपये दिए गए थे। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गौरव और आदित्य, फरीदाबाद निवासी नीरज फरीदपुरिया से संपर्क में थे, जो वर्तमान में अमेरिका में है। पुलिस को शक है कि नीरज ने ही शूटर्स को उकसाया और पैसे दिलवाए।
इससे पहले पुलिस ने 17 अगस्त की वारदात में शामिल एक अन्य शूटर इशांत गांधी उर्फ ईशू को फरीदाबाद में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। उस दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में क्राइम ब्रांच ने उसके पैरों पर गोली चलाई और उसे घायल अवस्था में दबोच लिया। सीसीटीवी फुटेज में भी इशांत गांधी को फायरिंग करते हुए देखा गया था।
गौरतलब है कि 17 अगस्त की सुबह करीब 5:30 बजे गुरुग्राम के सेक्टर 57 स्थित एल्विश यादव के घर के बाहर तीन बाइक सवार बदमाशों ने दो दर्जन से अधिक राउंड फायरिंग की थी। घटना के समय एल्विश यादव घर पर मौजूद नहीं थे। इस सनसनीखेज हमले की जिम्मेदारी कुख्यात “भाऊ गैंग” ने ली थी।
फिलहाल पुलिस गिरफ्तार दोनों शूटरों से पूछताछ कर रही है और उम्मीद है कि गिरोह के नेटवर्क और साजिश के पीछे की बड़ी सच्चाई सामने आ सकती है। जांच एजेंसियां नीरज फरीदपुरिया और हिमांशु भाऊ गैंग के कनेक्शन की भी तहकीकात कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि यह मामला केवल फायरिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े गैंगवार और रंगदारी की साजिश जुड़ी हो सकती है।
इस घटना ने न केवल गुरुग्राम बल्कि दिल्ली-एनसीआर को हिला कर रख दिया है। सोशल मीडिया पर भी यह मामला लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है। एल्विश यादव के फैंस और फॉलोअर्स ने उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।