Ghaziabad ITMS: गाजियाबाद की सड़कों पर अब नहीं बच पाएंगे हादसा कर भागने वाले, ITMS-2 से मिलेगी हर गतिविधि की जानकारी
गाजियाबाद। ट्रैफिक व्यवस्था को और स्मार्ट और सुरक्षित बनाने के लिए गाजियाबाद प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। शहर में इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के दूसरे चरण पर काम शुरू हो गया है। इस हाईटेक सिस्टम के शुरू होते ही दुर्घटना कर भागने वाले चालक अब बच नहीं पाएंगे, क्योंकि पूरे शहर पर 24 घंटे कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, पहले चरण का काम तेजी से चल रहा है और अक्टूबर तक पूरा होने की उम्मीद है। इस चरण में शहर के 41 प्रमुख चौराहों पर अत्याधुनिक कैमरे लगाए जा रहे हैं। वहीं, दूसरे चरण के लिए डीपीआर शासन को भेज दी गई है और उसका परीक्षण चल रहा है। मंजूरी मिलते ही इसका काम भी शुरू कर दिया जाएगा।
800 से ज्यादा कैमरे निगरानी के लिए
ITMS योजना के तहत शहर में कुल 800 से ज्यादा हाईटेक कैमरे लगाए जाएंगे। इनमें 110 पैन-टिल्ट-ज़ूम कैमरे होंगे, जो दूर तक साफ तस्वीर देंगे। इसके अलावा 250 व्हीकल डिटेक्शन कैमरे, 50 फेस रिकग्निशन कैमरे (FRC) और 115 रेड लाइट वॉयलेशन डिटेक्शन (RLVD) कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों की मदद से न केवल ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों की पहचान होगी बल्कि अपराधियों की गतिविधियों पर भी कड़ी नजर रखी जा सकेगी।
हादसों और जाम पर तुरंत कार्रवाई
स्मार्ट ट्रैफिक कंट्रोल रूम पहले ही तैयार हो चुका है। यहां से सभी कैमरों की लाइव फीड देखी जाएगी। जैसे ही किसी सड़क पर जाम लगेगा या हादसा होगा, कंट्रोल रूम से तुरंत पास के पुलिसकर्मियों और ट्रैफिक स्टाफ को सूचना भेजी जाएगी। इतना ही नहीं, घटनास्थल पर पहुंचने का समय भी रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। हादसे की स्थिति में न केवल पुलिस बल्कि एंबुलेंस की सुविधा भी न्यूनतम समय में उपलब्ध कराई जाएगी।
बजट और लागत
इस पूरी योजना के लिए शासन ने शुरू में 82 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। लेकिन पहले चरण के काम में लगभग 53 करोड़ रुपये ही खर्च हुए, जिससे करीब 29 करोड़ रुपये बच गए। अब यह रकम सीधे दूसरे चरण की परियोजना पर खर्च की जाएगी।
अपराध और दुर्घटनाओं पर सख्त निगरानी
आईटीएमएस के तहत लगाए जाने वाले कैमरे सिर्फ ट्रैफिक ही नहीं, बल्कि सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करेंगे। फेस रिकग्निशन कैमरों की मदद से बदमाशों और अपराधियों की पहचान की जा सकेगी। वहीं, दुर्घटना कर भागने वाले चालकों को भी मिनटों में ट्रेस किया जा सकेगा।
इस योजना के लागू होने के बाद गाजियाबाद न केवल NCR का बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश का हाईटेक ट्रैफिक कंट्रोल वाला शहर बन जाएगा। प्रशासन का दावा है कि इससे सड़क हादसों में कमी आएगी, जाम की समस्या घटेगी और अपराधियों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।