Indigo Flights Cancelled: इंडिगो फ्लाइट्स रद्द, देशभर के एयरपोर्ट्स पर हाहाकार रोते यात्री, अस्पताल में भर्ती तक की नौबत
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो में पिछले चार दिनों से जारी भारी अव्यवस्था ने यात्रियों की मुश्किलों को चरम पर पहुंचा दिया है। शनिवार को भी मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, अहमदाबाद सहित देश के कई एयरपोर्ट्स पर इंडिगो की दर्जनों उड़ानें रद्द या अनिश्चित देरी का शिकार रहीं, जिससे यात्रियों में भारी आक्रोश और घबराहट फैल गई। कई यात्रियों ने बताया कि उन्हें न तो सही जानकारी दी जा रही है और न ही किसी वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन दिया जा रहा है। कुछ यात्री तो हताश होकर रोने लगे और कुछ की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लंबी कतारों में घंटों इंतजार कर रहे यात्रियों की स्थिति बेहद खराब हो गई। उड़ान रद्द होने की घोषणा के बाद एक युवती रोते हुए नजर आई, जिसकी वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। कई यात्रियों का कहना है कि एयरपोर्ट पर बैठने तक की जगह नहीं है और न ही इंडिगो स्टाफ की ओर से सही जानकारी दी जा रही है।
दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, चेन्नई, पुणे और हैदराबाद सहित प्रमुख शहरों में यात्री अपनी उड़ान स्थिति जानने के लिए लगातार काउंटरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन टिकट पर “समय पर” दिखाए जाने के बावजूद उन्हें बताया जा रहा है कि फ्लाइट कैंसिल हो चुकी है और दिन में कोई अन्य विकल्प उपलब्ध नहीं है।
चेन्नई के दो यात्रियों ने बताया कि उनका वीज़ा इंटरव्यू निर्धारित था, लेकिन उड़ान रद्द होने से उनका पूरा कार्यक्रम प्रभावित हो गया। वहीं एक न्यूरो पेशेंट की तबीयत एयरपोर्ट पर बिगड़ गई और उसे अस्पताल ले जाना पड़ा, लेकिन बाद में पता चला कि उसकी रीशेड्यूल की गई फ्लाइट बिना किसी सूचना के उड़ गई। यात्री का कहना है कि न तो रिफंड की स्पष्ट जानकारी है और न ही आगे की कोई सहायता।
दिक्कत यह भी है कि दूसरी एयरलाइंस में टिकट पूरी तरह से बुक हैं। यात्रा के विकल्प खत्म होने के कारण हज़ारों लोग एयरपोर्ट पर ही फंसे हुए हैं।
लखनऊ एयरपोर्ट पर शनिवार सुबह से ही भारी भीड़ जमा है और 9 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। यात्रियों का कहना है कि यह सिर्फ इंडिगो की लापरवाही नहीं है, बल्कि DGCA की भी बड़ी चूक है। DGCA ने हाल ही में साप्ताहिक विश्राम नियम जारी कर एयरलाइंस पर नए क्रू स्टाफ की व्यवस्था का दबाव डाला, लेकिन एयरलाइंस पर्याप्त तैयार नहीं थीं, जिसके कारण यह संकट पैदा हो गया।
यात्रियों का कहना है कि सरकार और एयरलाइंस दोनों ने स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया और इसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ रहा है। लोग एयरपोर्ट पर 15-20 घंटे तक फंसे हैं, कई फ्लाइट्स का रूट बिना पूर्व जानकारी बदला जा रहा है और कोई आधिकारिक दिशा-निर्देश जारी नहीं किया जा रहा।
हजारों यात्रियों के लिए यह स्थिति मानसिक और शारीरिक दोनों रूप से संकटपूर्ण साबित हो रही है, और लोगों में गुस्सा और निराशा बढ़ती जा रही है।