IPS Milind Mahadev Dumbre Honoured: आईपीएस मिलिंद महादेव डुंबरे को विशिष्ट सेवा पदक, तीन दशकों की प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय सम्मान

IPS Milind Mahadev Dumbre Honoured: आईपीएस मिलिंद महादेव डुंबरे को विशिष्ट सेवा पदक, तीन दशकों की प्रतिबद्धता का राष्ट्रीय सम्मान

भारतीय पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारी आईपीएस मिलिंद महादेव डुंबरे को उनकी उत्कृष्ट, ईमानदार और प्रभावी सेवाओं के लिए राष्ट्रपति पुलिस पदक (विशिष्ट सेवा पदक / Medal for Meritorious Service – MSM) से सम्मानित किया गया है। यह प्रतिष्ठित सम्मान उनके उस लंबे और समर्पित पेशेवर सफर की राष्ट्रीय स्तर पर पहचान है, जिसमें उन्होंने कानून-व्यवस्था, जन-सुरक्षा और प्रशासनिक सुधार को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दी।

2006 बैच के एजीएमयूटी कैडर के अधिकारी मिलिंद महादेव डुंबरे ने अपने लगभग तीन दशक लंबे सेवाकाल में देश के कई संवेदनशील राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। मिजोरम, चंडीगढ़, पुडुचेरी, दमन एवं दीव तथा दादरा एवं नगर हवेली जैसे क्षेत्रों में तैनाती के दौरान उन्होंने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पुलिस व्यवस्था को सुदृढ़ और प्रभावी बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया। इन क्षेत्रों में उनके नेतृत्व को स्थिरता, अनुशासन और प्रशासनिक संतुलन के लिए विशेष रूप से सराहा गया।

दिल्ली में उनका कार्यकाल विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। उत्तर-पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम जिलों में डीसीपी के रूप में तैनात रहते हुए उन्होंने जटिल कानून-व्यवस्था की परिस्थितियों से कुशलता से निपटते हुए संतुलित और व्यावहारिक नेतृत्व का परिचय दिया। उनकी कार्यशैली में मौके पर सक्रिय मौजूदगी, त्वरित निर्णय क्षमता और अधीनस्थ अधिकारियों व कर्मचारियों को साथ लेकर चलने की भावना प्रमुख रही। इसी प्रभावी नेतृत्व के लिए उन्हें दिल्ली पुलिस आयुक्त की ओर से कई बार प्रशंसा पत्र भी प्रदान किए गए।

उत्तर दिल्ली नगर निगम में संयुक्त पुलिस आयुक्त के रूप में उनके कार्यकाल को भी उल्लेखनीय माना जाता है। इस दौरान उन्होंने पुलिस और नगर प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया, जिससे शहरी सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और नागरिक सेवाओं में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले। विभिन्न विभागों के बीच तालमेल बढ़ाकर उन्होंने प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने का प्रयास किया।

आईपीएस डुंबरे उन वरिष्ठ अधिकारियों में शामिल हैं जिन्होंने पुलिस बल के आधुनिकीकरण को केवल नीतियों तक सीमित न रखते हुए उसे व्यवहारिक स्तर पर लागू करने पर जोर दिया। तकनीक के बेहतर उपयोग, प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने और आंतरिक जवाबदेही बढ़ाने जैसे कदम उनके कार्यकाल की पहचान रहे हैं। उनके प्रयासों से पुलिसिंग में दक्षता और पारदर्शिता को बढ़ावा मिला।

इसके साथ ही उन्होंने सामुदायिक पुलिसिंग और जन-संपर्क कार्यक्रमों पर भी विशेष ध्यान दिया। इन पहलों के माध्यम से पुलिस और आम नागरिकों के बीच विश्वास का मजबूत संबंध बना, जिससे अपराध नियंत्रण और सामाजिक सहयोग को नई मजबूती मिली।

राष्ट्रपति पुलिस पदक मिलना न केवल आईपीएस मिलिंद महादेव डुंबरे की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह उस सोच और दृष्टिकोण की जीत भी है जिसमें पुलिस को एक संवेदनशील, उत्तरदायी और जनोन्मुखी सार्वजनिक सेवा संस्था के रूप में देखा जाता है। यह सम्मान पुलिस बल के भीतर एक सकारात्मक संदेश देता है कि ईमानदारी, पेशेवर दक्षता और निरंतर समर्पण को राष्ट्रीय स्तर पर पहचाना और सम्मानित किया जाता है। युवा पुलिस अधिकारियों के लिए उनका यह सफर निस्संदेह प्रेरणास्रोत बनकर सामने आया है।

IPPCI Media:
Related Post