ISRO Bluebird Mission: ISRO का ब्लूबर्ड मिशन सफल, ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट कक्षा में स्थापित, पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों को दी बधाई
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए एलवीएम-3 एम6 मिशन के तहत ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को सफलता पूर्वक लॉन्च कर उसकी निर्धारित कक्षा में स्थापित कर दिया है। यह भारत का पहला कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्च माना जा रहा है, जिसे लेकर इसरो वैज्ञानिकों में खासा उत्साह देखने को मिला। मिशन की सफलता के बाद इसरो केंद्र में मौजूद वैज्ञानिकों ने एक-दूसरे को बधाई दी और जश्न मनाया।
इसरो के अनुसार, ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट को तीनों चरणों में पूरी तरह सफलतापूर्वक लॉन्च किया गया। लॉन्च व्हीकल मार्क-3 एम6 ने तय योजना के अनुसार काम किया और सैटेलाइट को सही कक्षा में स्थापित किया गया। यह सैटेलाइट खास तौर पर संचार सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है, जिससे देश के दूर-दराज और नेटवर्क से वंचित इलाकों में मोबाइल और संचार नेटवर्क की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।
मिशन के दौरान इसरो ने अंतरिक्ष सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती। इसरो अधिकारियों ने बताया कि रॉकेट की उड़ान के दौरान अंतरिक्ष मलबे या अन्य उपग्रहों से टकराने की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए सभी जरूरी तकनीकी जांच की गई। इसी सतर्कता के चलते लॉन्च व्हीकल की उड़ान को एक चरण में करीब 90 सेकंड के लिए स्थगित भी किया गया, ताकि किसी भी संभावित खतरे से बचा जा सके।
ब्लूबर्ड मिशन की सफलता पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इसरो को बधाई दी है। उन्होंने इस उपलब्धि को भारत की तकनीकी क्षमता और अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ती वैश्विक भूमिका का प्रतीक बताया। पीएम मोदी ने कहा कि यह मिशन न केवल भारत के लिए गर्व का विषय है, बल्कि इससे देश के आम नागरिकों को भी बेहतर संचार सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
इसरो का कहना है कि ब्लूबर्ड ब्लॉक-2 सैटेलाइट के सक्रिय होने के बाद डिजिटल कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी। खासकर ग्रामीण और दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क और डेटा सेवाओं में सुधार होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह मिशन भारत को कमर्शियल सैटेलाइट लॉन्च के क्षेत्र में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करेगा और भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नए अवसर खोलेगा।