Saharanpur Dowry Murder: सहारनपुर में दहेज हत्या का आरोपी पति गिरफ्तार: स्विफ्ट की जगह स्कॉर्पियो की कर रहा था मांग, आत्महत्या पर उठे बड़े सवाल

Saharanpur Dowry Murder: सहारनपुर में दहेज हत्या का आरोपी पति गिरफ्तार: स्विफ्ट की जगह स्कॉर्पियो की कर रहा था मांग, आत्महत्या पर उठे बड़े सवाल

सहारनपुर में दहेज की मांग से परेशान होकर हुई नवविवाहिता की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी और मृतका के पति विशाल को गिरफ्तार कर लिया है। मामला 30 नवंबर को सामने आया था, जब 24 वर्षीय दीपांशी का शव उसके ससुराल स्थित कमरे में फांसी पर लटका मिला था। घटना के बाद से पति, सास और ससुर मौके से फरार थे। पुलिस ने 7 दिसंबर को मुखबिर की सूचना पर रामपुर मनिहारान थाना पुलिस ने छापेमारी कर विशाल को कस्बे के खुराना कॉम्प्लेक्स से पकड़ा, जहां वह कई दिनों से छिपकर रह रहा था। आरोपी को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

मृतका के पिता चरण सिंह उर्फ सोनू ने पुलिस में दी गई तहरीर में आरोप लगाया था कि बेटी को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था। शादी को अभी मात्र 21 महीने ही हुए थे, लेकिन ससुराल पक्ष शादी में दी गई स्विफ्ट कार के बदले लगातार स्कॉर्पियो कार की मांग कर रहा था। तहरीर के अनुसार मांग पूरी न होने पर पति शराब पीकर मारपीट करता था और सास-ससुर “बड़ी गाड़ी नहीं आई, घर की बेइज्जती हो गई” कहकर अपमानित करते थे। दहेज उत्पीड़न की शिकायत कई बार पंचायत तक पहुंची, लेकिन प्रताड़ना खत्म नहीं हुई। घटना से एक दिन पहले भी दीपांशी ने चंडीगढ़ में रह रहे अपने माता-पिता को फोन कर धमकियों की जानकारी दी थी।

30 नवंबर की रात दीपांशी का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। पुलिस के पहुंचने से पहले ही पूरे ससुराल पक्ष ने घर छोड़ दिया। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्र किए और पोस्टमार्टम में मौत का कारण ‘लटककर आत्महत्या’ दर्ज हुआ, लेकिन परिवार के आरोपों ने मामले को दहेज हत्या की दिशा दे दी। जानखेड़ा गांव सहित पूरे इलाके में इस घटना के बाद गुस्सा और शोक का माहौल फैल गया, लोगों का कहना है कि दहेज के लालच ने एक और बेटी की जिंदगी छीन ली।

एसपी देहात सागर जैन ने बताया कि आरोपी विशाल ने पूछताछ में दहेज विवाद को लेकर झगड़े की बात स्वीकार की है। पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों—पति, सास और ससुर—के विरुद्ध धारा 85, 351(3), 80(2) बीएनएस और 3/4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस का दावा है कि शेष दो आरोपी भी बहुत जल्द गिरफ्तार होंगे।

मायके पक्ष ने कहा कि दीपांशी बहुत शांत स्वभाव की थी, लेकिन दहेज की मांगों ने उसकी जिंदगी नर्क बना दी। उन्होंने मांग की है कि दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि भविष्य में कोई बेटी स्वाभिमान और सम्मान के लिए अपनी जान न गंवाए।

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