Sukma Naxal Encounter: सुकमा के गोलापल्ली में DRG का बड़ा ऑपरेशन, मुठभेड़ में 2–3 नक्सली ढेर, जंगल में सर्च जारी

Sukma Naxal Encounter: सुकमा के गोलापल्ली में DRG का बड़ा ऑपरेशन, मुठभेड़ में 2–3 नक्सली ढेर, जंगल में सर्च जारी
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले के गोलापल्ली इलाके में गुरुवार सुबह डेसेंट रेजिस्टेंस ग्रुप (DRG) और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस एनकाउंटर में दो से तीन नक्सली मारे गए हैं, जबकि कुछ अन्य के घायल होने की भी खबर है। हालांकि मारे गए नक्सलियों की संख्या और पहचान को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि का इंतजार किया जा रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है।
पुलिस को खुफिया सूचना मिली थी कि गोलापल्ली के जंगलों में नक्सलियों की बड़ी मौजूदगी है। इसी इनपुट के आधार पर DRG के जवानों को सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया। 18 दिसंबर की सुबह जैसे ही जवान तय इलाके में पहुंचे, घात लगाए बैठे माओवादियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों तरफ से लंबे समय तक गोलीबारी होती रही।
सूत्रों के अनुसार मारे गए नक्सलियों में एरिया कमेटी मेंबर (ACM) कैडर का नक्सली भी शामिल हो सकता है, जिस पर करीब पांच लाख रुपये का इनाम घोषित था। मुठभेड़ के बाद जवानों ने पूरे जंगल क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चलाया और नक्सलियों के शव भी बरामद किए गए हैं। आसपास के इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह की नक्सली गतिविधि को रोका जा सके।
सुकमा और दंतेवाड़ा के सीमावर्ती इलाके लंबे समय से नक्सल हिंसा के लिए संवेदनशील माने जाते रहे हैं। हाल के महीनों में यहां सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच कई बड़ी मुठभेड़ हो चुकी हैं। इससे पहले 3 दिसंबर को दंतेवाड़ा-बीजापुर सीमा पर हुए एनकाउंटर में 12 नक्सली मारे गए थे, जबकि DRG के तीन जवान शहीद और दो घायल हुए थे। उस कार्रवाई में एक बड़े कैडर का नक्सली भी ढेर हुआ था।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि लगातार मिल रही सटीक खुफिया जानकारियों और DRG की सक्रिय रणनीति के कारण नक्सलियों पर दबाव बढ़ा है। गोलापल्ली का यह ऑपरेशन भी उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य नक्सलियों की कमर तोड़ना और उनके नेटवर्क को कमजोर करना है।
फिलहाल DRG और जिला पुलिस की टीमें पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। स्थानीय प्रशासन ने आसपास के गांवों में अलर्ट जारी कर दिया है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे जंगलों या नक्सल प्रभावित इलाकों में जाने से बचें। अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन पूरी तरह खत्म होने के बाद ही स्थिति साफ हो पाएगी।



