Uttarakhand School Shooting: उत्तराखंड में 9वीं के छात्र ने टीचर को गोली मारी, लंच बॉक्स में छिपाकर लाया तमंचा
उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर जिले के काशीपुर से एक चौंकाने वाली और भयावह घटना सामने आई है। बुधवार सुबह एक निजी स्कूल में 9वीं कक्षा का छात्र अपने लंच बॉक्स में तमंचा छिपाकर लाया और भौतिक विज्ञान के शिक्षक पर गोली चला दी। गोली शिक्षक के दाएं कंधे के नीचे लगी, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया।
जानकारी के अनुसार, घटना की शुरुआत शिक्षक द्वारा छात्र को थप्पड़ मारने से हुई थी। नाराज छात्र अगले दिन अपने लंच बॉक्स में तमंचा लेकर स्कूल पहुंचा और क्लासरूम में ही शिक्षक पर हमला कर दिया। जैसे ही गोली चली, पूरे स्कूल में अफरा-तफरी मच गई। छात्र ने भागने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद शिक्षकों ने उसे पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने नाबालिग छात्र को हिरासत में ले लिया है और तमंचा भी बरामद कर लिया गया है।
घटना काशीपुर की कुंडेश्वरी रोड स्थित एक निजी स्कूल में सुबह करीब 9:45 बजे हुई। भौतिक विज्ञान के शिक्षक गगनदीप सिंह कोहली कक्षा समाप्त कर बाहर निकल रहे थे, तभी छात्र ने पीछे से गोली चलाई। उन्हें तुरंत निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
इस सनसनीखेज घटना के बाद जिले भर के शिक्षकों में भारी आक्रोश है। ऊधम सिंह नगर इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने गुरुवार को जिले के सभी सीबीएसई और निजी मान्यता प्राप्त स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। एसोसिएशन ने इस घटना की कड़ी निंदा की है और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर सरकार और प्रशासन से ठोस कदम उठाने की मांग की है। गुरुवार को शिक्षक काला दिवस मनाएंगे और काशीपुर रामलीला मैदान से एसडीएम कार्यालय तक मौन मार्च निकालकर ज्ञापन सौंपेंगे।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक की तहरीर के आधार पर छात्र के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। प्रशासन ने भी आश्वासन दिया है कि शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी।
गौरतलब है कि हाल ही में इसी तरह की घटना उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से भी सामने आई थी, जहां आपसी विवाद में 9वीं कक्षा के छात्र ने 10वीं के छात्र पर चाकू से हमला कर दिया था। उस वारदात में एक छात्र की मौके पर ही मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हुए थे।
काशीपुर की घटना ने शिक्षा व्यवस्था और स्कूल सुरक्षा पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति, पारिवारिक माहौल और अनुशासनहीनता इस तरह की घटनाओं का कारण बन रही है, जिसे रोकने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने की जरूरत है।