Fatehpur Accident: फतेहपुर में बारिश का कहर, कच्चा मकान ढहा – पति, पत्नी और मां की मौत, चार बच्चे घायल

Fatehpur Accident: फतेहपुर में बारिश का कहर, कच्चा मकान ढहा – पति, पत्नी और मां की मौत, चार बच्चे घायल
फतेहपुर। जिले में लगातार हो रही मूसलधार बारिश ने सोमवार तड़के एक परिवार पर कहर बरपा दिया। बिंदकी कोतवाली क्षेत्र के हरदौली गांव में एक कच्चा मकान अचानक ढह गया, जिसकी चपेट में आने से एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में पति, पत्नी और उनकी वृद्ध मां शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
जानकारी के मुताबिक हादसा सोमवार सुबह करीब 4:30 बजे हुआ। तेज बारिश के कारण कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर पड़ा। मलबे में दबकर 85 वर्षीय माधुरी देवी (पत्नी स्व. रामखेलावन), उनका पुत्र मुकेश (50 वर्ष) और मुकेश की पत्नी रन्नो देवी (50 वर्ष) मौके पर ही दम तोड़ बैठे। परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह मलबे से बाकी सदस्यों को बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
घटना में परिवार के चार सदस्य – 11 वर्षीय प्रखर, 13 वर्षीय प्रकाशनी, 22 वर्षीय क्षमता और 13 वर्षीय कामिनी – गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिंदकी लाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर डॉक्टरों ने जिला अस्पताल फतेहपुर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान रन्नो देवी ने भी दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर तीन हो गई। वहीं 13 वर्षीय बच्ची कामिनी की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे कानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।
हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासन हरकत में आ गया। एडीएम अवनीश त्रिपाठी जिला अस्पताल पहुंचे और घायलों से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। साथ ही राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है, जो नुकसान का आंकलन कर रही है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और सरकारी राहत की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
लगातार 36 घंटे से हो रही बारिश ने फतेहपुर समेत पूरे इलाके में तबाही का माहौल बना दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकांश घर कच्चे हैं और लगातार बारिश से उनकी नींव कमजोर हो रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि ऐसे पुराने और जर्जर मकानों से बाहर सुरक्षित स्थान पर शरण लें, ताकि भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को टाला जा सके।
हरदौली गांव का यह हादसा एक दर्दनाक उदाहरण है कि किस तरह प्राकृतिक आपदाएं पलभर में परिवार की खुशियां छीन सकती हैं। गांव और जिले में इस घटना के बाद शोक की लहर दौड़ गई है और पीड़ित परिवार की मदद के लिए सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने भी हाथ बढ़ाया है।