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Ajit Pawar death: पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, बेटे ने दी चिता को मुखाग्नि, पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

Ajit Pawar death: पंचतत्व में विलीन हुए अजित पवार, बेटे ने दी चिता को मुखाग्नि, पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई

महाराष्ट्र और देश की राजनीति के लिए यह सप्ताह गहरे शोक का बन गया, जब उपमुख्यमंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार का बुधवार को एक विमान हादसे में निधन हो गया। गुरुवार को उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया, जहां बेटे ने चिता को मुखाग्नि दी और अंतिम विदाई के दौरान पवार परिवार, समर्थकों और नेताओं की आंखें नम रहीं। अंतिम संस्कार के समय का दृश्य बेहद भावुक था, जब चचेरी बहन और एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले फूट-फूट कर रो पड़ीं और परिवार को ढांढस बंधाती नजर आईं।
अजित पवार बारामती जा रहे थे, जहां उन्हें कई राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होना था। इसी दौरान उनका चार्टर्ड विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में अजित पवार सहित विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें उनके निजी सुरक्षा अधिकारी, एक फ्लाइट अटेंडेंट और दो पायलट शामिल थे। हादसे की खबर फैलते ही महाराष्ट्र समेत पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। राज्य सरकार ने तत्काल तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की।
अजित पवार महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने अलग-अलग दौर में पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे की सरकारों में उपमुख्यमंत्री के रूप में अहम भूमिका निभाई। अपनी स्पष्टवादी शैली, तेज फैसलों और प्रशासनिक पकड़ के लिए पहचाने जाने वाले अजित पवार को राज्य की राजनीति का एक निर्णायक चेहरा माना जाता था।
उनके निधन पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय मंत्रियों, मुख्यमंत्रियों और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एनसीपी (एसपी) प्रमुख और अजित पवार के चाचा शरद पवार से फोन पर बात कर संवेदना प्रकट की। सोशल मीडिया पर शोक संदेश साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने लिखा कि बारामती में हुए दुखद विमान हादसे से वह बेहद आहत हैं और पीड़ित परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं। उन्होंने अजित पवार को जनता से जुड़ा नेता बताते हुए कहा कि प्रशासनिक मामलों की उनकी समझ और कमजोर वर्गों के सशक्तीकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता हमेशा याद रखी जाएगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे महाराष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति बताया और कहा कि राज्य सरकार इस दुख की घड़ी में पवार परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने हादसे की जांच के आदेश दिए और कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अजित पवार के रूप में उन्होंने न सिर्फ एक मजबूत सहयोगी बल्कि एक बड़े भाई को खो दिया है।
कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं ने भी शोक व्यक्त किया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि छोटे विमानों से यात्रा करने वाले नेताओं और उद्योगपतियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम जरूरी हैं। तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने भी इस दुखद घटना पर संवेदना जताई।
इस बीच शरद पवार ने लोगों से अपील की कि इस हादसे को राजनीतिक रंग न दिया जाए। उन्होंने कहा कि यह एक दुर्घटना है और इस दुखद समय में राजनीति करना उचित नहीं है। उनके इस बयान का कई नेताओं ने समर्थन किया।
अजित पवार अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो बेटों को छोड़ गए हैं। उनके निधन से न सिर्फ एनसीपी बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी एक बड़ा खालीपन पैदा हो गया है। बारामती से लेकर मुंबई और दिल्ली तक, समर्थकों और आम नागरिकों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

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