UGC Rules 2026: विरोध बढ़ा, दिल्ली से लखनऊ तक प्रदर्शन; यूपी में राष्ट्रपति शासन की मांग

UGC Rules 2026: विरोध बढ़ा, दिल्ली से लखनऊ तक प्रदर्शन; यूपी में राष्ट्रपति शासन की मांग

नई दिल्ली/लखनऊ। यूजीसी रूल्स 2026 के विरोध ने देशभर में तूल पकड़ लिया है। इस नियम के लागू होने के बाद छात्रों, अधिकारियों और राजनीतिक दलों के बीच असंतोष लगातार बढ़ता जा रहा है।

उत्तर प्रदेश पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री ने नियमों के विरोध में अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपने इस्तीफे में शंकराचार्य के अपमान का भी जिक्र किया। इसके अलावा कवि कुमार विश्वास ने भी इन नियमों का विरोध किया है। भाजपा के भीतर भी इस मामले को लेकर असंतोष की स्थिति बनी हुई है। रायबरेली और लखनऊ में भाजपा के नेताओं ने इस्तीफे दिए हैं, जबकि ब्रजभूषण शरण सिंह के बेटे प्रतीक ने भी असहमति जताई है।

देश में बड़ी संख्या में छात्रों ने दिल्ली स्थित यूजीसी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए।

उत्तर प्रदेश में बरेली के नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को अनुशासनहीनता के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। उन्हें जिलाधिकारी शामली कार्यालय से सम्बद्ध किया गया, जबकि जांच अधिकारी के रूप में कमिश्नर बरेली भूपेंद्र एस. चौधरी को नियुक्त किया गया। आदेश में कहा गया है कि अलंकार अग्निहोत्री ने प्रथम दृष्टया अनुशासनहीनता की है, जिसके चलते निलंबन कार्रवाई की गई।

सवर्ण समाज में भी यूजीसी नियम 2026 के खिलाफ विरोध तेज हुआ है। वरिष्ठ भाजपा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने कहा कि यह नियम छात्रों के बीच भेदभाव और विभाजन पैदा कर सकता है। उन्होंने सरकार से पुनर्विचार करने की मांग की और कहा कि किसी भी शैक्षणिक संस्थान में जाति के आधार पर भेदभाव नहीं होना चाहिए।

वर्तमान स्थिति में विरोध प्रदर्शन दिल्ली, लखनऊ और अन्य प्रमुख शहरों में जारी हैं। कई हिस्सों में नेताओं और छात्रों ने राष्ट्रपति शासन लागू करने की भी मांग की है।

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