Rajendra Nagar basement death case: राजेंद्र नगर बेसमेंट मौत केस, कोर्ट ने CBI को फटकारा, दोबारा जांच के आदेश
नई दिल्ली, 13 मार्च : दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर के एक कोचिंग सेंटर के अवैध बेसमेंट में पानी भरने से हुई तीन UPSC अभ्यर्थियों की मौत मामले में अदालत ने CBI को कड़ी फटकार लगाई है। राउज एवेन्यू कोर्ट ने CBI को निर्देश दिया है कि वो दिल्ली नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की गहराई से जांच करे।
प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज दिनेश भट्ट ने मृतक छात्र नेविन दलविन के पिता द्वारा दाखिल ‘प्रोटेस्ट पिटीशन’ को स्वीकार करते हुए यह आदेश जारी किया। अदालत ने कहा कि जांच अधिकारी उन वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच करने में विफल रहे, जिनकी लापरवाही के कारण बेसमेंट का अवैध इस्तेमाल लंबे समय तक चलता रहा।
कोर्ट ने CBI पर सवाल उठाया कि सिर्फ करोल बाग जोन के जूनियर इंजीनियर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई जबकि किसी वरिष्ठ अधिकारी का नाम नहीं लिया गया। अदालत ने कहा कि छह मंजिला इमारत में सैकड़ों छात्रों के पढ़ने के बावजूद वरिष्ठ अधिकारियों की नजर क्यों नहीं पड़ी।
जूनियर इंजीनियर ने बेसमेंट के नियमों के उल्लंघन की तस्वीर और नोट दर्ज किया था, लेकिन वरिष्ठ अधिकारियों ने निरीक्षण नहीं किया या जानबूझकर जानकारी छिपाई। अदालत ने चेतावनी दी कि इलाके में जलभराव की संवेदनशीलता के बावजूद 26 जून 2024 की शिकायत और 18 जुलाई 2024 के रिमाइंडर के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
जज दिनेश भट्ट ने कहा कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों को बलि का बकरा बनाना पर्याप्त नहीं है, वरिष्ठ और सुपरवाइजरी अधिकारियों की जिम्मेदारी थी कि वे जमीन पर नियमों के पालन की निगरानी करें।
कोर्ट ने CBI को आदेश दिया है कि अब सभी संबंधित अधिकारियों, उनके निर्णय और भ्रष्टाचार के एंगल्स की गहन जांच कर रिपोर्ट पेश की जाए।